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मिशन महिला शक्ति: उत्तराखंड भाजपा का ‘कीर्तन-नवरात्र’ कार्ड; पारंपरिक आयोजनों के जरिए आधी आबादी को साधने की तैयारी

देहरादून: आगामी चुनावों और सांगठनिक मजबूती को देखते हुए उत्तराखंड भाजपा ने महिलाओं के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए एक विशेष ‘सांस्कृतिक-धार्मिक’ मास्टर प्लान तैयार किया है। पार्टी अब राजनीतिक रैलियों के साथ-साथ महिलाओं के पारंपरिक और धार्मिक आयोजनों के जरिए घर-घर तक पहुँचेगी। इस रणनीति के तहत प्रदेश भर में कीर्तन मंडलियों, नवरात्र उत्सव और हरियाली तीज जैसे त्योहारों पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। भाजपा महिला मोर्चा को इन कार्यक्रमों को मंडल स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पार्टी की नई रणनीति: संस्कृति और राजनीति का संगम

भाजपा का मानना है कि महिलाओं से जुड़ने के लिए उनके बीच जाकर उनकी परंपराओं का हिस्सा बनना सबसे प्रभावी तरीका है। इस अभियान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • कीर्तन मंडलियों के साथ जुड़ाव: मंडल स्तर पर स्थानीय कीर्तन मंडलियों के माध्यम से महिला कार्यकर्ता भजन-कीर्तन कार्यक्रमों में शामिल होंगी। इसके जरिए सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सहज अंदाज में दी जाएगी।
  • नवरात्र और शक्ति पूजा: चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान विशेष शक्ति सम्मेलनों और कन्या पूजन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिससे मातृशक्ति के बीच पार्टी का भावनात्मक जुड़ाव मजबूत हो सके।
  • त्योहारों पर विशेष फोकस: हरियाली तीज, फूलदेई और स्थानीय मेलों में महिला मोर्चा की टीमें सक्रिय भूमिका निभाएंगी, जहां पारंपरिक वेशभूषा और लोक गीतों के माध्यम से संवाद स्थापित किया जाएगा।

मंडल स्तर तक होगा महिला मोर्चा का विस्तार

यह केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित रहने वाला कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर उतारने की योजना है:

  1. मंडल वार जिम्मेदारी: प्रत्येक मंडल में महिला मोर्चा की पदाधिकारियों को विशिष्ट क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। वे गांव और मोहल्ला स्तर पर छोटी-छोटी गोष्ठियां आयोजित करेंगी।
  2. आधी आबादी से सीधा संवाद: इन आयोजनों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि उज्ज्वला, महालक्ष्मी किट और स्वयं सहायता समूहों जैसी योजनाओं के लाभ पर चर्चा करना भी है।
  3. स्थानीय नेतृत्व को बढ़ावा: इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी उन महिलाओं की पहचान भी करेगी जो भविष्य में स्थानीय निकाय या पंचायत स्तर पर नेतृत्व कर सकें।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा: ‘साइलेंट वोटर’ पर नजर

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा का यह कदम ‘साइलेंट वोटर’ (महिला मतदाता) को संगठित करने की एक बड़ी कवायद है। उत्तराखंड में महिला मतदाताओं की निर्णायक भूमिका को देखते हुए पार्टी अपनी छवि को और अधिक महिला-हितैषी बनाना चाहती है।

  • विपक्ष की चुनौती: जहां विपक्ष महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं भाजपा इन सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए भावनात्मक और सामाजिक जुड़ाव की ढाल तैयार कर रही है।

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