देहरादून (21 मार्च, 2026): उत्तराखंड की राजनीति में शनिवार का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी विधानसभा चुनाव (मिशन 2027) में जीत की ऐतिहासिक हैट्रिक लगाने के उद्देश्य से अपनी ‘टीम-11’ को अंतिम रूप दे दिया है। धामी सरकार के चार साल का कार्यकाल पूरा होने के ठीक बाद, लंबे समय से लंबित कैबिनेट विस्तार को अंजाम दिया गया। इस विस्तार के जरिए मुख्यमंत्री धामी (जो स्वयं कैप्टन की भूमिका में हैं) ने अनुभवी पुराने दिग्गजों और ऊर्जावान नए चेहरों के बीच एक सटीक संतुलन बनाने का प्रयास किया है, ताकि 2027 की चुनावी पिच पर सरकार दमदार प्रदर्शन कर सके।
कैबिनेट विस्तार: अटकलों पर विराम, पांच नए चेहरों की एंट्री
पिछले कई महीनों से उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार को लेकर कयासों का बाजार गर्म था। शनिवार को पांच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के साथ ही इन तमाम चर्चाओं पर पूर्णविराम लग गया। मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ लंबे विचार-विमर्श और विधायकों के चार साल के कामकाज के आकलन के बाद इन चेहरों पर भरोसा जताया है। इस विस्तार का मुख्य लक्ष्य क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधते हुए सरकार की ‘डिलीवरी’ को मजबूत करना है।
अनुभव की वापसी: मदन कौशिक और खजान दास फिर मंत्री
धामी ने अपनी नई टीम में अनुभव को तरजीह देते हुए दो पूर्व मंत्रियों की कैबिनेट में वापसी कराई है:
- मदन कौशिक: हरिद्वार से कद्दावर विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की कैबिनेट में वापसी को एक बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है। वे पूर्ववर्ती भाजपा सरकारों में भी महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं और मैदानी क्षेत्र में पार्टी का बड़ा चेहरा हैं।
- खजान दास: देहरादून की राजपुर रोड सीट से विधायक खजान दास को भी पुनः मंत्री पद सौंपा गया है। वे एक प्रमुख दलित चेहरा हैं और संगठन व सरकार के बीच समन्वय में माहिर माने जाते हैं।
नया जोश: भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को पहली बार मौका
क्षेत्रीय संतुलन और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए तीन विधायकों को पहली बार लालबत्ती मिली है:
- भरत सिंह चौधरी: रुद्रप्रयाग से विधायक भरत चौधरी को केदारघाटी और समग्र गढ़वाल मंडल में पार्टी को मजबूती देने के लिए शामिल किया गया है।
- प्रदीप बत्रा: रुड़की से विधायक प्रदीप बत्रा को हरिद्वार जिले में मदन कौशिक के साथ मिलकर जातीय समीकरणों को साधने की जिम्मेदारी दी गई है।
- राम सिंह कैड़ा: भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा को कुमाऊं मंडल में नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में पार्टी का आधार बढ़ाने के लिए कैबिनेट में जगह मिली है।
क्षेत्रीय और जातीय संतुलन: गढ़वाल-कुमाऊं के बीच सामंजस्य
नई कैबिनेट में धामी ने पूरे राज्य को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है:
- गढ़वाल मंडल: मदन कौशिक, खजान दास, भरत चौधरी और प्रदीप बत्रा के जरिए गढ़वाल और मैदानी क्षेत्रों को मजबूत किया गया है।
- कुमाऊं मंडल: राम सिंह कैड़ा की एंट्री से कुमाऊं मंडल में भी संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है, जहाँ मुख्यमंत्री स्वयं खटीमा से आते हैं।





