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मिडिल ईस्ट संकट: ‘होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे सभी 22 भारतीय जहाज सुरक्षित’; केंद्र सरकार ने जारी किया आधिकारिक अपडेट

नई दिल्ली (18 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण युद्ध और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत सरकार ने एक बड़ी राहत भरी खबर दी है। विदेश मंत्रालय और नौवहन मंत्रालय ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया है कि सामरिक रूप से संवेदनशील ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में फंसे सभी 22 भारतीय जहाज और उनमें सवार चालक दल पूरी तरह सुरक्षित हैं। सरकार स्थिति पर पल-पल की नजर बनाए हुए है और भारतीय नौसेना के युद्धपोत क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत मुस्तैद हैं।

‘टैंकरों की अदला-बदली’ की खबरों का खंडन

भारत सरकार ने उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया गया था कि ईरान ने भारतीय जहाजों को छोड़ने के बदले सौदेबाजी की पेशकश की है:

  • क्या था दावा: रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि ईरान ने अपने जब्त किए गए तीन टैंकरों को छोड़ने के बदले भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने (Safe Passage) की मांग की है।
  • भारत का कड़ा रुख: भारत ने मंगलवार को इन रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा कि ऐसी कोई भी ‘अदला-बदली’ (Swap Deal) की मांग न तो की गई है और न ही इस पर कोई विचार हो रहा है। भारत अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के तहत ही किसी भी विवाद का निपटारा करने में विश्वास रखता है।

क्यों जब्त किए गए थे ईरानी टैंकर?

विवाद की जड़ उन तीन टैंकरों में है जिन्हें भारतीय एजेंसियों ने पूर्व में कार्रवाई के दौरान पकड़ लिया था:

  1. पहचान छिपाने का आरोप: भारत ने इन टैंकरों को इस आधार पर जब्त किया था कि इन्होंने अपनी वास्तविक पहचान (Identity) छिपाई थी या उसमें तकनीकी बदलाव किए थे।
  2. अवैध हस्तांतरण: जांच में पाया गया था कि ये टैंकर खुले समुद्र में एक जहाज से दूसरे जहाज में ईंधन या माल के अवैध हस्तांतरण (Illegal Ship-to-Ship Transfer) में शामिल थे, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों और प्रतिबंधों का उल्लंघन है।
  3. कानूनी प्रक्रिया: सरकार ने स्पष्ट किया कि इन टैंकरों पर की गई कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी और तकनीकी साक्ष्यों पर आधारित है, इसे वर्तमान युद्ध की स्थिति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए ‘ब्लू वाटर नेवी’ तैयार

होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी ‘बंकर बस्टर’ हमलों के बाद बढ़े खतरे को देखते हुए भारत ने सुरक्षा ग्रिड को मजबूत किया है:

  • सतत निगरानी: भारतीय नौसेना के निगरानी विमान (P-8I Poseidon) और ड्रोन लगातार होर्मुज क्षेत्र की टोह ले रहे हैं।
  • नौसैनिक एस्कॉर्ट: यदि आवश्यकता पड़ी, तो भारतीय नौसेना अपने व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित गलियारे से बाहर निकालने के लिए एस्कॉर्ट (Escort) सुविधा भी प्रदान करेगी।

शिपिंग एडवाइजरी: सरकार ने सभी भारतीय शिपिंग कंपनियों को सलाह दी है कि वे खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले नौसेना के ‘मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर’ (IFC-IOR) के साथ निरंतर संपर्क में रहें।

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