यरूशलेम/बेरुत: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध अब एक और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। लेबनान के सशस्त्र संगठन हिजबुल्लाह ने ईरान के समर्थन में इजरायल के खिलाफ युद्ध की घोषणा करते हुए रातभर भीषण हमले किए हैं। उत्तरी इजरायल के आसमान में रातभर मिसाइलों और ‘कामिकेज़’ ड्रोन्स का तांडव देखा गया, जिससे इजरायल के कई शहर साइरनों की गूँज से दहल उठे। हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि यह कार्रवाई ईरान पर हुए हालिया हमलों का जवाब है और वे फिलिस्तीनी संघर्ष के समर्थन में इजरायल के सैन्य ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
हमले का स्वरूप: ‘कैट्यूशा’ और ‘फाज्र’ मिसाइलों का कहर
हिजबुल्लाह ने इजरायल की रक्षा पंक्ति ‘आयरन डोम’ को भेदने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई:
- सैकड़ों रॉकेट दागे: हिजबुल्लाह ने दक्षिण लेबनान से उत्तरी इजरायल के ‘गैलिली’ और ‘गोलन हाइट्स’ क्षेत्र में 200 से अधिक रॉकेट और मिसाइलें दागीं।
- ड्रोन स्क्वाड्रन का हमला: मिसाइलों के साथ-साथ हिजबुल्लाह ने विस्फोटक लदे ‘सुसाइड ड्रोन्स’ का भी इस्तेमाल किया, जिनका मुख्य लक्ष्य इजरायली सेना के रडार स्टेशन और कमांड सेंटर थे।
- आयरन डोम की चुनौती: इजरायली रक्षा बल (IDF) के अनुसार, उनके डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, लेकिन कुछ रॉकेट आबादी वाले इलाकों और सैन्य ठिकानों पर गिरने से भारी नुकसान की आशंका है।
ईरान का कनेक्शन: ‘प्रतिशोध’ की साझा रणनीति
हिजबुल्लाह के इन हमलों को सीधे तौर पर ईरान के इशारे पर की गई कार्रवाई माना जा रहा है:
- ईरान का खुला समर्थन: हिजबुल्लाह के प्रवक्ता ने कहा कि वे ईरान के ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ (प्रतिरोध के अक्ष) का हिस्सा हैं और ईरान पर होने वाले किसी भी हमले का जवाब लेबनान की सीमा से दिया जाएगा।
- समन्वित हमला: रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ईरान, हिजबुल्लाह और यमन के हुतियों द्वारा मिलकर इजरायल को चारों तरफ से घेरने की एक सोची-समझी रणनीति है।
- लेबनान सीमा पर तनाव: इन हमलों के बाद लेबनान-इजरायल सीमा पर युद्ध के बादल गहरे हो गए हैं और दोनों सेनाएं आमने-सामने की जंग के लिए तैयार हैं।
इजरायल का पलटवार: लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी
इजरायल ने इन हमलों का जवाब देने में देर नहीं की और ‘ऑपरेशन आयरन सोर्ड्स’ के तहत बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है:
- वायुसेना की स्ट्राइक: इजरायली लड़ाकू विमानों ने दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह के लॉन्चिंग पैड्स, हथियार डिपो और खुफिया ठिकानों पर बमों की बारिश की है।
- बेंजामिन नेतन्याहू की चेतावनी: इजरायली पीएम ने स्पष्ट किया है कि “जो हमें नुकसान पहुँचाएगा, हम उसे जड़ से मिटा देंगे।” उन्होंने लेबनान सरकार को चेतावनी दी है कि वे अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए न होने दें।
वैश्विक प्रभाव: सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन
युद्ध के इस विस्तार ने दुनिया भर में चिंता पैदा कर दी है:
- नागरिकों का पलायन: उत्तरी इजरायल के हजारों नागरिकों को सुरक्षित बंकरों में भेज दिया गया है, जबकि दक्षिण लेबनान से भी लोग बेरुत की ओर भाग रहे हैं।
- तेल और शेयर बाजार: खाड़ी में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है, जिससे भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।




