Monday, February 9, 2026

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मार्क कार्नी बोले- भारत के साथ रिश्तों में प्रगति, US से व्यापारिक तनाव के बीच नई साझेदारियों पर जोर

कनाडा के उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि भारत और कनाडा के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक व्यापारिक तनाव, विशेषकर अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहे टैरिफ विवाद के बीच, भारत के साथ नई साझेदारियां दोनों देशों के लिए अवसरों का नया द्वार खोल सकती हैं।
कार्नी ने एक आर्थिक सम्मेलन में कहा कि भारत आज विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और तकनीक, ऊर्जा, कृषि तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, “अमेरिका के साथ कुछ व्यापारिक मतभेद ज़रूर हैं, लेकिन यह हमारे लिए अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं, विशेषकर भारत के साथ, नए रिश्ते मजबूत करने का सही समय है।”
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच निवेश और नवाचार साझेदारी को गहराई देने पर बातचीत जारी है। कार्नी ने कहा कि कनाडा भारतीय स्टार्टअप्स, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी में निवेश को प्राथमिकता दे रहा है। इसके अलावा, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में भी द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की योजना है।
कनाडा के वित्त मंत्री ने भारत की डिजिटल प्रगति और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि “भारत की आर्थिक नीतियां वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक हैं। हम चाहते हैं कि कनाडाई कंपनियां भारत के विकास अभियान का हिस्सा बनें।”
इस बीच, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-कनाडा टैरिफ विवाद के चलते ओटावा अपने व्यापारिक सहयोग का दायरा बढ़ाना चाहता है। भारत इसके लिए एक स्वाभाविक साझेदार बनकर उभरा है, क्योंकि दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्य और वैश्विक दक्षिण के हितों को लेकर समान दृष्टिकोण है।
कार्नी के इस बयान को भारत-कनाडा संबंधों में नई ऊर्जा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि यह रफ्तार बरकरार रही तो आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के आंकड़े दोगुने तक पहुंच सकते हैं।

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