तिब्बत। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के तिब्बती क्षेत्र में भारी बर्फीले तूफान के कारण संकट पैदा हो गया है। तिब्बत के सुदूर पूर्वी ढलानों में करीब 1,000 पर्वतारोही और पैदल यात्री फंस गए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए स्थानीय प्रशासन और विभिन्न बचाव दलों की टीमें राहत और रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
बर्फीले तूफान का प्रभाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार शाम को बर्फबारी शुरू हुई और जल्द ही यह तेज तूफान में बदल गई। प्रभावित क्षेत्र 4,900 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और पर्वतारोहियों के बीच यह लोकप्रिय मार्ग माना जाता है। भारी बर्फ और तेज हवाओं के कारण पर्वतारोही अपने शिविरों में फंस गए।
रेस्क्यू अभियान में जुटे दल
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय लोग और बचाव दल बर्फ हटाने और फंसे हुए पर्वतारोहियों को निकालने के लिए जुटे हुए हैं। अब तक कुछ लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि अभियान जारी है। बचाव दलों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि क्षेत्र की ऊंचाई और तूफानी मौसम ने कार्यवाही को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
माउंट एवरेस्ट की जानकारी
माउंट एवरेस्ट, जिसकी ऊंचाई 8,849 मीटर से अधिक है, दुनिया की सबसे ऊंची चोटी के रूप में जाना जाता है। चीन में इसे माउंट कोमोलांगमा के नाम से जाना जाता है। यह चोटी पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स के लिए एक आकर्षक स्थल है, लेकिन मौसम की अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण यह हमेशा जोखिम भरी भी रहती है।
प्रशासन और बचाव दल इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि फंसे हुए पर्वतारोही सुरक्षित रूप से निकाल लिए जाएं। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 से 48 घंटों में और तेज बर्फबारी की संभावना है, इसलिए रेस्क्यू अभियान को और सावधानीपूर्वक संचालित किया जा रहा है।
यह घटना इस बात को फिर से उजागर करती है कि माउंट एवरेस्ट की यात्रा केवल साहसिक नहीं, बल्कि सावधानी और मौसम की जानकारी के बिना खतरनाक भी साबित हो सकती है।





