नई दिल्ली (24 मार्च, 2026):भारत सरकार ने संसद तथा राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित करने की ऐतिहासिक पहल को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब महिला आरक्षण को सन 2034 से आरक्षित करने की बजाय इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू करने के लिए सरकार ने राजनीतिक दलों से बातचीत की पहल तेज कर दी है। समझा जाता है कि वर्तमान बजट सत्र में ही इस संबंध में एक संशोधन विधेयक पेश करने के लिए सरकार ने विपक्षी दलों से संपर्क-संवाद शुरू कर दिया है। सरकार का यह कदम नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव के लिए संशोधन बिल लाने की यह तैयारी कर रही है, जिससे देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
प्रमुख पहल: 2029 से महिला आरक्षण लागू करने पर जोर
महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने के पीछे सरकार का विजन और रणनीति:
- सशक्तिकरण और प्रतिनिधित्व: सरकार का मानना है कि महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने से देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। यह कदम महिलाओं के प्रतिनिधित्व को मजबूत करेगा और उन्हें देश के विकास में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर देगा।
- बजट सत्र में संशोधन बिल: सरकार ने बजट सत्र में ही महिला आरक्षण संशोधन बिल पेश करने के लिए राजनीतिक दलों से बातचीत की पहल तेज कर दी है। समझा जाता है कि सरकार विपक्षी दलों से संपर्क-संवाद शुरू कर दिया है, ताकि बिल को सर्वसम्मति से पास कराया जा सके।
विपक्ष से चर्चा: सर्वसम्मति से बिल पास कराने का प्रयास
सरकार महिला आरक्षण संशोधन बिल को सर्वसम्मति से पास कराने के लिए विपक्षी दलों से सार्थक चर्चा कर रही है:
- संपर्क-संवाद: सरकार ने विपक्षी दलों से संपर्क-संवाद शुरू कर दिया है, ताकि बिल पर उनके सुझावों और चिंताओं को समझा जा सके। सरकार चाहती है कि बिल को सर्वसम्मति से पास कराया जा सके, जिससे देश भर में महिला आरक्षण को लेकर एक सकारात्मक संदेश जाए।
- सार्थक चर्चा: विपक्षी दलों ने भी महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने के सरकार के कदम का स्वागत किया है और सार्थक चर्चा के लिए तैयार हैं। वे चाहते हैं कि बिल में महिलाओं के सशक्तिकरण और प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रावधान शामिल किए जाएं।
परिसीमन और जनगणना: महिला आरक्षण लागू करने की राह
महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है:
- परिसीमन: 2027 में होने वाली राष्ट्रीय जनगणना के पहले ही लोकसभा सीटों का परिसीमन शुरू होगा कर 2029 के आम चुनाव से ही महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता बनाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव के लिए संशोधन बिल लाने की यह तैयारी कर रही है।
- जनगणना: सरकार ने राष्ट्रीय जनगणना को समय पर पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं, ताकि परिसीमन की प्रक्रिया को भी समय पर पूरा किया जा सके।
कुल मिलाकर, सरकार महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने के लिए पूरी तरह समर्पित है और राजनीतिक दलों से सार्थक चर्चा कर रही है। सरकार का यह कदम देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने में मदद करेगा। पूरी दुनिया की नजरें अब नई दिल्ली से आने वाली खबरों पर टिकी हैं, क्योंकि यह बिल देश के विकास और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है।





