नई दिल्ली/ब्यूरो: मकर संक्रांति और पोंगल के त्योहार पर होने वाली यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने विशेष परिचालन योजना तैयार की है। रेलवे मंत्रालय ने घोषणा की है कि त्योहार के सीजन में देश के विभिन्न हिस्सों के लिए 150 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों के संचालन से न केवल नियमित ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) कम होगी, बल्कि यात्रियों का सफर भी सुगम और आरामदायक हो सकेगा।
तिरुपति और शिरडी के लिए विशेष रूट प्लान
धार्मिक पर्यटन और श्रद्धा के महत्व को देखते हुए रेलवे ने विशेष रूप से तिरुपति और शिरडी जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के लिए विशेष रूट निर्धारित किए हैं।
- श्रद्धालुओं की सुविधा: मकर संक्रांति के दौरान दक्षिण भारत में पोंगल और उत्तर भारत में खिचड़ी का विशेष महत्व होता है, जिस कारण तिरुपति बालाजी और शिरडी साईं बाबा के दर्शन के लिए जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होता है।
- कनेक्टिविटी: इन विशेष ट्रेनों को प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई से जोड़ा गया है ताकि लंबी दूरी के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिल सके।
प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त इंतजाम
रेलवे बोर्ड ने सभी संबंधित जोन को निर्देश जारी किए हैं कि स्पेशल ट्रेनों के साथ-साथ स्टेशनों पर भी भीड़ नियंत्रण के कड़े इंतजाम किए जाएं।
- अतिरिक्त कोच: कई नियमित ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया गया है।
- सुरक्षा और सुविधा: स्टेशनों पर आरपीएफ (RPF) की तैनाती बढ़ाने और अतिरिक्त टिकट काउंटर खोलने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यात्रियों को टिकट लेने में असुविधा न हो।
- समय सारणी: ये विशेष ट्रेनें मुख्य रूप से 10 जनवरी से 20 जनवरी के बीच संचालित की जाएंगी, ताकि त्योहार के पहले और बाद की भीड़ को संभाला जा सके।
यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे इन स्पेशल ट्रेनों की समय सारणी और उपलब्धता की जानकारी IRCTC की वेबसाइट या ‘रेल मदद’ ऐप के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। इन ट्रेनों में आरक्षण (Reservation) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बल
जानकारों का मानना है कि रेलवे के इस कदम से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि त्योहार के दौरान पर्यटन उद्योग को भी गति मिलेगी। विशेष रूप से शिरडी और तिरुपति के स्थानीय व्यापार में भी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।





