हल्द्वानी। कुमाऊं क्षेत्र में बढ़ते भूमि फर्जीवाड़े पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयोजित लैंड फ्रॉड कमेटी की बैठक में भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की समीक्षा के बाद 30 मामलों में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कुल 77 मामलों पर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता कुमाऊं कमिश्नर एवं मुख्यमंत्री सचिव दीपक रावत ने की। इस दौरान निवेदिता कुकरेती, मंजूनाथ टीसी, नितिन भदौरिया तथा अजय गणपति समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अलग-अलग जिलों से आए भूमि धोखाधड़ी के मामलों की गहन समीक्षा की गई। जांच में कई मामलों में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं सामने आने पर समिति ने कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की।
कमिश्नर दीपक रावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि फर्जीवाड़े के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सुनियोजित तरीके से भूमि घोटाले सामने आते हैं तो संबंधित लोगों पर संगठित अपराध के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि भूमाफियाओं और फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।





