उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में लगातार बारिश के बीच भू-धंसाव ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यमुनोत्री हाईवे के स्यानाचट्टी क्षेत्र में जमीन धंसने से बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे यमुनोत्री धाम समेत आसपास के करीब 12 गांवों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। वहीं भू-धंसाव और मलबा आने से यमुनोत्री हाईवे पर भी आवाजाही बाधित हो गई।
भू-धंसाव के कारण क्षेत्र में सड़क और विद्युत व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।
लगातार बढ़ रही सड़क की समस्या
यमुनोत्री हाईवे के चौड़ीकरण के दौरान कई स्थानों पर लगातार भू-धंसाव की समस्या सामने आ रही है। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्क व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एक दिन पहले भी यमुनोत्री हाईवे की कटिंग के कारण कंडारी मोटर मार्ग बाधित होने से 27 गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। ग्रामीणों को जरूरी सामान और दूध मुख्य मार्ग तक पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रदेश में 78 मार्ग बंद
बारिश और भूस्खलन के कारण उत्तराखंड में रविवार को दो राज्यमार्ग समेत 78 मार्गों पर यातायात बाधित रहा। उत्तरकाशी जिले में भी तीन मार्ग बंद बताए गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। सड़क खोलने के लिए मशीनें और संबंधित विभागों की टीमें तैनात हैं। लगातार हो रहे भू-धंसाव को देखते हुए यात्रियों से मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यमुनोत्री मार्ग पर यात्रा करने की अपील की जा रही है।





