नई दिल्ली:
गृह मंत्रालय (MHA) ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के इच्छुक लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के पासपोर्ट धारक भारतीय नागरिक बनने से पहले अपने विदेशी पासपोर्ट को अनिवार्य रूप से जमा करवाना होगा।
इस फैसले का उद्देश्य नागरिकता प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और नियमबद्ध बनाना बताया गया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के पास उपरोक्त देशों के पासपोर्ट हैं, उन्हें भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने से पहले अपने विदेशी पासपोर्ट की वापसी सुनिश्चित करनी होगी।
सिर्फ पासपोर्ट जमा करना ही पर्याप्त नहीं होगा; इस प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों द्वारा सत्यापन और दस्तावेजों की जांच भी की जाएगी। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता प्रक्रिया की शुद्धता को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
सरकार ने कहा है कि जिन लोगों ने पहले आवेदन किया है और उनके पास विदेशी पासपोर्ट है, उन्हें नोटिफिकेशन जारी होने के 90 दिन के भीतर पासपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही नागरिकता प्रदान की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह नियम उन लोगों पर भी लागू होगा जिन्होंने डबल नेशनलिटी की स्थिति में भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है। गृह मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट न जमा करने की स्थिति में नागरिकता आवेदन प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी और आवेदन को रद्द किया जा सकता है।
इस आदेश का पालन न करने वाले व्यक्ति को भारतीय नागरिकता मिलने में देरी या अस्वीकार का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही, सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे सही समय पर सभी दस्तावेज जमा करें ताकि प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।
हालांकि, इस नए नियम से प्रभावित लोगों के लिए गृह मंत्रालय ने विशेष सहायता केंद्र और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि नागरिकता प्रक्रिया में आने वाली किसी भी समस्या का समाधान किया जा सके।
इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय नागरिकता अधिनियम के तहत विदेशी पासपोर्ट धारकों के लिए नियमों को और अधिक कड़ा किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल नागरिकता प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और पहचान के मामलों में भी सुधार आएगा।





