नई दिल्ली। भारत सरकार ने ऑस्ट्रिया के एक अर्थशास्त्री के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है, जिसने हाल ही में सोशल मीडिया पर भारत को तोड़ने वाला विवादित नक्शा साझा किया था। इस नक्शे में खालिस्तानी झंडे और अलगाववादी प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया था। सरकार ने इस कृत्य को भारत की संप्रभुता और अखंडता पर सीधा हमला करार दिया है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अर्थशास्त्री के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। न केवल उनके खिलाफ भारत में कार्यक्रमों और संवादों पर रोक लगाई गई है, बल्कि उनकी गतिविधियों पर निगरानी भी तेज कर दी गई है। बताया जा रहा है कि उनका वीज़ा भी निरस्त कर दिया गया है, ताकि वे भविष्य में भारत आकर किसी तरह की भड़काऊ गतिविधि न कर सकें।
भारत सरकार ने ऑल्ट्रिया के अर्थशास्त्री गुनथर फेलिंगर-याह्न का एक्स अकाउंट ब्लॉक कर दिया है। उसने एक विवादित पोस्ट में भारत को तोड़ने की अपील की थी और खालिस्तान का नक्शा साझा किया था।
फेलिंगर-याह्न ने लिखा था, “I Call to dismantle India into ExIndia.” गृह मंत्रालय और इलेक्टॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने इस पोस्ट को गंभीर मानते हुए तुरंत एक्स को निर्देश दिया। इसके बाद भारत में उसका अकाउंट बंद कर दिया गया।
सरकार का मानना है कि इस तरह की पोस्टें न केवल देश की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि युवाओं को भटकाने और समाज में नफरत फैलाने का काम भी करती हैं। विदेश मंत्रालय ने इस मामले में ऑस्ट्रिया सरकार को भी अवगत कराया है और कहा है कि भारत विरोधी एजेंडे को बढ़ावा देने वालों पर वहां भी कार्रवाई होनी चाहिए।
केंद्र सरकार के अधिकारियों का कहना है कि भारत की अखंडता के खिलाफ किसी भी बयानबाज़ी या गतिविधि को किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों पर पहले से ही कई देशों में निगरानी बढ़ाई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कड़ी कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश जाएगा कि भारत अपनी संप्रभुता को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं है।





