नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र के बाद अब कॉमनवेल्थ संगठन में भी व्यापक सुधार की मांग उठाई है। भारत ने कहा है कि वर्तमान कॉमनवेल्थ संरचना और कार्यप्रणाली आधुनिक वैश्विक परिदृश्य और आज की सच्चाई से मेल नहीं खाती।
भारत की प्रमुख बात
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत ने स्पष्ट किया कि कॉमनवेल्थ के निर्णय लेने और नीतियों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है। भारत ने सुझाव दिया कि संगठन को वास्तविक वैश्विक मुद्दों और सदस्य देशों की वर्तमान प्राथमिकताओं के अनुरूप ढाला जाना चाहिए, ताकि यह अधिक प्रभावी और प्रासंगिक बने।
संरचना और प्रक्रियाओं में बदलाव की मांग
भारत ने कहा कि संगठन की प्रबंधन और नेतृत्व संरचना में सुधार आवश्यक है। इसके तहत निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज और सभी सदस्य देशों के लिए समावेशी बनाने की बात कही गई। साथ ही, भारत ने कॉमनवेल्थ के कार्यक्रमों और नीतियों में सदस्यों की वास्तविक भागीदारी और योगदान सुनिश्चित करने की भी आवश्यकता जताई।
वैश्विक संदर्भ
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का यह कदम वैश्विक मंच पर उसकी सक्रिय और सुधारोन्मुख भूमिका को दर्शाता है। संयुक्त राष्ट्र और अब कॉमनवेल्थ में सुधार की मांग के जरिए भारत यह संदेश देना चाहता है कि वैश्विक संस्थाओं को समय के साथ प्रासंगिक और लोकतांत्रिक बनाना जरूरी है।
आगे की प्रक्रिया
भारत की यह मांग आने वाले कॉमनवेल्थ शिखर सम्मेलन और संबंधित बैठकों में जोर-शोर से उठाई जाएगी। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, भारत इस प्रक्रिया में अन्य सदस्य देशों के साथ गठजोड़ कर संगठन में ठोस सुधार लाने के प्रयास करेगा।
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