शंघाई/कोलकाता: भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क (Air Connectivity) को एक नया आयाम देते हुए, देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने सोमवार को शंघाई और कोलकाता के बीच अपनी दैनिक सीधी उड़ान सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल न केवल दोनों देशों के बीच यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि द्विपक्षीय व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा देगी।
भारतीय महावाणिज्यदूत ने किया उद्घाटन, इंडिगो टीम से की मुलाकात
इंडिगो की ऐतिहासिक उड़ान 6ई (6E) का भव्य शुभारंभ शंघाई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के महावाणिज्यदूत, प्रतीक माथुर ने किया। इस विशेष अवसर पर, माथुर ने इंडिगो की प्रबंधन टीम के वरिष्ठ सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें इस नई सेवा के लिए बधाई दी। उन्होंने रिबन काटकर और दीप प्रज्वलित कर उड़ान का उद्घाटन किया, जिसके बाद विमान ने शंघाई के पुडोंग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी।
बढ़ती हवाई कनेक्टिविटी और आर्थिक संबंधों में बढ़ता विश्वास
महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने अपने संबोधन में भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक गति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती हवाई कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होते आर्थिक संबंधों के माध्यम से, दोनों देशों के बीच एक नया विश्वास और उत्साह व्यक्त किया जा रहा है। माथुर ने इस बात की सराहना की कि भारतीय एयरलाइनें जैसे इंडिगो और एअर इंडिया अब शंघाई को नई दिल्ली और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों से सीधे जोड़ रही हैं, जो एक स्वागत योग्य कदम है।
कोलकाता बना शंघाई से जुड़ा दूसरा भारतीय महानगर
नई दिल्ली के बाद, कोलकाता अब दूसरा भारतीय महानगर बन गया है जो चीन की वाणिज्यिक राजधानी शंघाई से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। यह नई दैनिक उड़ान पूर्वी भारत और पूर्वी चीन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करेगी, जिससे यात्रियों के समय और लागत में काफी बचत होगी। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेवा कोलकाता को एक प्रमुख क्षेत्रीय हवाई केंद्र के रूप में और मजबूत करेगी।
बीजिंग और नई दिल्ली के बीच भी जल्द शुरू होगी सीधी उड़ान
हवाई कनेक्टिविटी को और विस्तार देने की दिशा में, अधिकारियों के मुताबिक, चीन की राष्ट्रीय एयरलाइन ‘एयर चाइना’ 21 अप्रैल से बीजिंग और नई दिल्ली के बीच भी सीधी उड़ान सेवा शुरू करने की योजना बना रही है। यह सेवा भारत और चीन की राजधानियों को सीधे जोड़ेगी, जिससे राजनयिक, व्यापारिक और पर्यटन यात्राओं में और तेजी आएगी। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क में और वृद्धि की उम्मीद है, जो एशिया की इन दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी।




