नई दिल्ली। भारत और थाईलैंड के बीच राजनयिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से थाईलैंड के विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर रविवार को नई दिल्ली पहुंचे। यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर जारी संवाद को और व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, अपने इस दौरे के दौरान सिहासक फुआंगकेटकेओ भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, कनेक्टिविटी परियोजनाओं और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक माहौल और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
भारत और थाईलैंड के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से जुड़े हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने एक्ट ईस्ट पॉलिसी और ASEAN साझेदारी के तहत अपने रिश्तों में नई ऊर्जा भरी है। इस पृष्ठभूमि में थाईलैंड के विदेश मंत्री का दौरा दोनों पक्षों के लिए विशेष महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि भारत और थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं, जिनमें त्रिपक्षीय हाईवे परियोजना भी शामिल है। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा और डिफेंस सहयोग को बढ़ाने पर भी दोनों देशों का जोर है।
विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि यह दौरा भारत-थाईलैंड संबंधों में नए अवसर खोलेगा और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और गहरा करेगा। माना जा रहा है कि बैठक के बाद दोनों देशों की ओर से संयुक्त बयान जारी किया जाएगा, जिसमें भविष्य की रणनीति और साझेदारियों का रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा।
थाईलैंड के विदेश मंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा देने में अहम कदम साबित हो सकती है।





