वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और रूस के रिश्तों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “हमने अंधकारमय चीन के हाथों भारत और रूस को खो दिया।” ट्रंप ने आरोप लगाया कि चीन की वजह से अमेरिका और भारत के संबंधों में खटास आई है।
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया था, जिसके बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए। वहीं, हाल ही में हुई एससीओ बैठक में भारत, चीन और रूस की एकजुटता ने अमेरिका की चिंता और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान आगामी अमेरिकी चुनावों को ध्यान में रखकर दिया गया है, ताकि एशियाई और रूसी मूल के वोटरों के बीच सकारात्मक संदेश भेजा जा सके। हालांकि, डेमोक्रेट्स ने उन पर तंज कसते हुए कहा है कि यह स्वीकारोक्ति इस बात का सबूत है कि ट्रंप की नीतियां अमेरिका को अलग-थलग करने वाली साबित हुईं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ट्रंप की टिप्पणी चर्चा का विषय बनी हुई है। खासकर इसलिए क्योंकि मौजूदा समय में भारत और रूस दोनों देश वैश्विक शक्ति संतुलन में अहम भूमिका निभा रहे हैं और अमेरिका उनके साथ अपने रिश्ते बेहतर बनाने की कोशिश में जुटा है।





