बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा पर आम आदमी पार्टी (आप) ने तीखा तंज कसा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि यह कदम अरविंद केजरीवाल के मॉडल की बढ़ती लोकप्रियता और आम आदमी पार्टी की बिहार में एंट्री से घबराहट का परिणाम है।
“केजरीवाल मॉडल का असर है ये घोषणा”
अनुराग ढांडा ने कहा कि यह पहली बार है जब नीतीश कुमार ने इस तरह की मुफ्त बिजली योजना की घोषणा की है। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही ‘आप’ ने बिहार चुनाव लड़ने की घोषणा की, राज्यभर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। नतीजतन, नीतीश सरकार को भी आम जनता की चिंता दिखानी पड़ी।
“जहां ‘आप’ जाती है, वहां मुद्दे बदलते हैं”
ढांडा ने कहा कि आम आदमी पार्टी जहां भी चुनाव लड़ती है, वहां राजनीति का एजेंडा अपने-आप बदल जाता है। असली मुद्दे — बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य — चुनावी बहस का केंद्र बन जाते हैं। बिहार में भी यही हो रहा है।
नीतीश सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला
उन्होंने नीतीश कुमार पर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी सवाल खड़े किए। कहा, “20 साल से मुख्यमंत्री होने के बावजूद बिहार में हत्या, अपराध और भय का माहौल खत्म नहीं हुआ है। जो खुद को सुशासन बाबू कहते थे, आज बीजेपी के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं।”
“जनता के मुद्दों पर लड़ेगा चुनाव”
ढांडा ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी बिहार में चुनाव विकास और जनहित के मुद्दों पर लड़ेगी। पार्टी का एजेंडा शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और केजरीवाल मॉडल पर आधारित होगा और राज्य की जनता को एनडीए के ‘झूठे वादों’ के खिलाफ एक मजबूत विकल्प दिया जाएगा।





