नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और कारोबारी राज कुंद्रा के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत में दायर आरोपपत्र में कुंद्रा को महज़ मध्यस्थ नहीं बल्कि लाभकारी मालिक बताया है।
285 बिटकॉइन का मालिकाना हक
आरोपपत्र के मुताबिक राज कुंद्रा के पास 285 बिटकॉइन हैं। मौजूदा कीमत के हिसाब से इनकी वैल्यू करीब 150.47 करोड़ रुपये बैठती है। ये बिटकॉइन उन्हें इस घोटाले के मास्टरमाइंड और अब दिवंगत अमित भारद्वाज से मिले थे।
ईडी का कहना है कि कुंद्रा ने जांच के दौरान जानबूझकर बिटकॉइन वॉलेट एड्रेस जैसी अहम जानकारी छुपाई। इतना ही नहीं, भारद्वाज से मिले बिटकॉइन भी उन्होंने अधिकारियों को जमा नहीं किए। एजेंसी के अनुसार, यह रकम अपराध से अर्जित आय है जिसका इस्तेमाल और कब्जा कुंद्रा ने जारी रखा।
पत्नी के साथ संदिग्ध लेनदेन
आरोपपत्र में यह भी आरोप है कि राज कुंद्रा ने अवैध कमाई के स्रोत को छुपाने के लिए अपनी पत्नी शिल्पा शेट्टी के साथ बाजार दर से काफी कम मूल्य पर लेनदेन किया। ईडी ने इसे संदिग्ध वित्तीय गतिविधि करार दिया है।
कई राज्यों में दर्ज मामले से जुड़ा मामला
यह मनी लांड्रिंग केस, महाराष्ट्र और दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर से उपजा है। इन एफआईआर में वेरिएबल टेक प्राइवेट लिमिटेड, अमित भारद्वाज और उनके परिजनों – अजय, विवेक, सिम्पी और महेंद्र भारद्वाज – के नाम शामिल थे।
ईडी की दलील है कि राज कुंद्रा न केवल घोटाले की रकम से लाभान्वित हुए, बल्कि उन्होंने इस आय को छुपाने और इस्तेमाल करने में भी सक्रिय भूमिका निभाई।





