बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के आसमान में रंग-बिरंगे पैराग्लाइडर्स ने अपनी ऊंची उड़ान से रोमांच भर दिया। हाल ही में संपन्न हुई नेशनल पैराग्लाइडिंग चैंपियनशिप में देवभूमि के पायलटों ने अपने कौशल और साहस का लोहा मनवाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। हिमालय की चोटियों के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर के दिग्गज पायलटों ने हिस्सा लिया था, लेकिन उत्तराखंड के स्थानीय जांबाज पायलटों ने अपनी भौगोलिक समझ और सटीक लैंडिंग के दम पर कई श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल किए। इस आयोजन ने बागेश्वर को देश के नए ‘एडवेंचर हब’ के रूप में स्थापित कर दिया है।
प्रतियोगिता का रोमांच: हवाओं से मुकाबला
बागेश्वर की सुरम्य पहाड़ियों में आयोजित इस तीन दिवसीय चैंपियनशिप में रोमांच अपने चरम पर रहा:
- सटीक लैंडिंग (Accuracy): प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण ‘एक्यूरेसी राउंड’ रहा, जहाँ पायलटों को हवा के विपरीत रुख के बावजूद एक निश्चित बिंदु पर सटीक लैंडिंग करनी थी। उत्तराखंड के पायलटों ने इस वर्ग में सबसे अधिक अंक बटोरे।
- क्रॉस कंट्री टास्क: चुनौतीपूर्ण क्रॉस कंट्री इवेंट में पायलटों ने कई किलोमीटर का सफर हवा में तय किया। आसमान से बागेश्वर और सरयू घाटी के विहंगम दृश्यों के बीच पायलटों की यह होड़ दर्शकों के लिए कौतूहल का विषय रही।
- अनुकूल मौसम: विशेषज्ञों के अनुसार, बागेश्वर की वायु दशाएं (Air Thermals) पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व स्तरीय हैं, जिसका फायदा स्थानीय पायलटों को मिला।
उत्तराखंड के पायलटों ने फहराया परचम
इस चैंपियनशिप में उत्तराखंड के युवा पायलटों का प्रदर्शन भविष्य की बड़ी संभावनाओं की ओर इशारा करता है:
- स्थानीय प्रतिभा का उदय: बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल के कई युवा पायलटों ने सेना और अन्य राज्यों के अनुभवी प्रोफेशनल पायलटों को कड़ी टक्कर दी।
- अनुभव का लाभ: स्थानीय पायलटों को अपनी घरेलू पहाड़ियों और हवा के रुख की गहरी समझ थी, जिसके कारण उन्होंने बेहद कम समय में अपने टास्क पूरे किए।
- महिला पायलटों की भागीदारी: इस बार की चैंपियनशिप में उत्तराखंड की महिला पायलटों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और यह साबित किया कि वे किसी भी चुनौती में पीछे नहीं हैं।
पर्यटन और रोजगार को नई दिशा
प्रशासन और पर्यटन विभाग का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से जिले की तस्वीर बदलेगी:
- विदेशी पर्यटकों का आकर्षण: नेशनल चैंपियनशिप की सफलता के बाद अब यहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की तैयारी की जा रही है।
- रोजगार के अवसर: पैराग्लाइडिंग के बढ़ते क्रेज से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, ट्रेनर और होमस्टे के रूप में रोजगार के नए द्वार खुले हैं।
- इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास: सरकार अब टेक-ऑफ और लैंडिंग साइट्स को और अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने पर काम कर रही है।





