मुंबई। बांबे हाई कोर्ट में क्लर्क पद पर भर्ती के लिए रविवार को आयोजित ऑनलाइन टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी खामियों के आरोपों ने विवाद खड़ा कर दिया। महाराष्ट्र के कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने सर्वर, कंप्यूटर और की-बोर्ड में खराबी की शिकायत की। इसके बाद कुछ स्थानों पर अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा शुरू होने के कुछ ही समय बाद कई कंप्यूटरों में तकनीकी दिक्कतें आने लगीं। कहीं की-बोर्ड काम नहीं कर रहा था तो कहीं माउस और सर्वर से जुड़ी समस्या सामने आई। कुछ उम्मीदवारों ने दावा किया कि उन्हें परीक्षा के दौरान सिस्टम से लॉगआउट कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें असफल घोषित किए जाने की बात कही गई।
तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें कल्याण, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड, वाशिम और भंडारा समेत महाराष्ट्र के कई केंद्रों से सामने आईं। कल्याण और छत्रपति संभाजीनगर में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर परीक्षा दोबारा कराने की मांग की। उनका कहना है कि तकनीकी खामियों के कारण उन्हें अपनी वास्तविक क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिला।
सिटीजन फॉर ज्यूडिशियल प्रोसेस (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में शामिल होकर मामले को उठाया। उन्होंने परीक्षा दोबारा कराने और इस बार पूरी तरह दुरुस्त कंप्यूटर व अन्य उपकरणों का इस्तेमाल सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि ऑनलाइन परीक्षाओं में तकनीकी समस्याएं अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं।
हालांकि, परीक्षा केंद्र के आयोजक सोरनेट आईटीई जेनस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संजय वानखेड़े ने गंभीर गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित की गई और केंद्र पर सभी की-बोर्ड नए थे। उनके अनुसार केवल प्रिंटिंग से जुड़ी मामूली तकनीकी समस्या आई थी, जिसे दूर किया जा रहा था।
फिलहाल अभ्यर्थी निष्पक्ष समाधान और पुनर्परीक्षा की मांग कर रहे हैं। परीक्षा में सामने आई तकनीकी समस्याओं को लेकर प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर है।





