ढाका/इस्लामाबाद। बांग्लादेश ने अपने 12 वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान भेजा है। इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और बदलते कूटनीतिक रिश्तों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह पहली बार है जब 1970 के दशक के बाद बांग्लादेश के वरिष्ठ नौकरशाहों का कोई औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम पाकिस्तान में आयोजित किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार ये अधिकारी अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव स्तर के हैं। इन्हें पाकिस्तान के लाहौर स्थित Civil Services Academy में मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए भेजा गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम 4 मई से शुरू हुआ है और लगभग तीन सप्ताह तक चलेगा। इस दौरान प्रशासनिक सुधार, नीति निर्माण, आर्थिक प्रबंधन और शासन प्रणाली से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बताया गया है कि इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का खर्च पाकिस्तान सरकार उठा रही है और बांग्लादेश सरकार की ओर से कोई वित्तीय योगदान नहीं दिया जा रहा है। पाकिस्तान के Higher Education Commission और Civil Services Academy के अधिकारियों ने बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दोनों देशों के बीच रिश्तों में आ रहे बदलाव को दर्शाता है। पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina के सत्ता से बाहर होने के बाद ढाका और इस्लामाबाद के बीच संपर्क बढ़ा है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार, हवाई संपर्क और प्रशासनिक स्तर पर संवाद में तेजी आई है।
पिछले वर्ष कई दशकों बाद पाकिस्तानी जहाज का चटगांव बंदरगाह पहुंचना और ढाका-कराची के बीच सीधी उड़ानों की शुरुआत भी दोनों देशों के संबंधों में नरमी के संकेत माने गए थे। अब अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को इसी प्रक्रिया की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि बांग्लादेश में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। विपक्षी दलों और कुछ विश्लेषकों ने पाकिस्तान के साथ बढ़ते संपर्कों पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार समर्थक इसे पेशेवर और प्रशासनिक सहयोग का हिस्सा बता रहे हैं।





