Monday, January 12, 2026

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‘बहन-बेटियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, हमें कोई सिखाने की कोशिश न करे’: मुख्यमंत्री धामी

देहरादून/राज्य ब्यूरो: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदेश की बहन-बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने विरोधियों और बाहरी तत्वों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटना जानती है और इस विषय पर उन्हें किसी से ‘पाठ’ पढ़ने या सीखने की आवश्यकता नहीं है।

सख्त कानून और शून्य सहिष्णुता की नीति

मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहाँ की संस्कृति में नारी को देवी का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने महिला अपराधों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ (शून्य सहिष्णुता) की नीति अपनाई है। सरकार ने पुलिस और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई की जाए और दोषियों को ऐसी सजा दी जाए जो नजीर बन सके।

विरोधियों पर तीखा प्रहार

हालिया राजनीतिक बयानबाजी और आलोचनाओं का जवाब देते हुए सीएम धामी ने कहा:

  • निर्णायक कार्रवाई: “जब भी हमारी बेटियों के सम्मान पर आंच आई है, हमने बिना किसी पक्षपात के कठोरतम कदम उठाए हैं। हमारी कार्रवाई बोलती है, हमें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।”
  • तुष्टिकरण का विरोध: उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के मामले में कोई भी तुष्टिकरण नहीं किया जाएगा। अपराधियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता और उन्हें पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा।
  • भ्रम फैलाने वालों को चेतावनी: मुख्यमंत्री ने उन लोगों को भी चेताया जो कानून-व्यवस्था के नाम पर जनता के बीच भ्रम फैलाने या राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं।

सुरक्षा के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया:

  1. महिला आरक्षण: राज्य की सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का कानूनी अधिकार देना।
  2. सशक्त पुलिसिंग: थानों में महिला हेल्प डेस्क को और अधिक सक्रिय बनाना और ‘गौरा शक्ति’ ऐप के माध्यम से त्वरित सहायता सुनिश्चित करना।
  3. कड़े कानून: धर्मांतरण विरोधी कानून और महिला उत्पीड़न के मामलों में फास्ट ट्रैक अदालतों के माध्यम से न्याय दिलाना।

निष्कर्ष: देवभूमि की मर्यादा सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि उत्तराखंड की शांत आबोहवा और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर बेटी के साथ खड़ी है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में और भी कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

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