पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में 7 अक्टूबर 2025 को जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को एक शक्तिशाली विस्फोट का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप छह डिब्बे पटरी से उतर गए और कई यात्री घायल हो गए। यह हमला सुलतानकोट क्षेत्र में शिकारपुर और जैकबाबाद के बीच हुआ, जो सिंध और बलूचिस्तान की सीमा के पास स्थित है ।
बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स नामक विद्रोही समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। समूह ने दावा किया है कि ट्रेन में पाकिस्तानी सेना के कर्मी सवार थे, और यह हमला उनके खिलाफ था ।
जाफर एक्सप्रेस, जो पेशावर से क्वेटा के बीच चलती है, पाकिस्तान की महत्वपूर्ण रेल सेवाओं में से एक है। हालांकि, यह ट्रेन पिछले कुछ वर्षों में बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों का शिकार रही है। इस वर्ष यह सातवीं बार है जब जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया है।
पाकिस्तानी रेलवे अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। स्थानीय अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं सक्रिय कर दी गई हैं, और घायल यात्रियों को उपचार प्रदान किया जा रहा है। पाकिस्तानी सेना और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं।
बलूचिस्तान में विद्रोहियों द्वारा रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना, क्षेत्र में सुरक्षा की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। पाकिस्तानी सरकार ने इन हमलों को आतंकवादी गतिविधियां करार दिया है और बलूचिस्तान में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
इस घटना ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों को फिर से उजागर किया है, विशेष रूप से बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन विद्रोही समूहों के साथ राजनीतिक संवाद और विकासात्मक प्रयासों को बढ़ावा नहीं दिया गया, तो ऐसे हमले जारी रह सकते हैं।
पाकिस्तान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। बलूचिस्तान में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए सरकार ने सुरक्षा बलों को सक्रिय किया है और नागरिकों से सहयोग की अपील की है।
यह घटना पाकिस्तान के लिए एक गंभीर सुरक्षा चुनौती प्रस्तुत करती है, और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी चिंता का विषय है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।





