हल्द्वानी: हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की विवादित भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने की सुगबुगाहट और अदालती कार्यवाहियों के बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है। पूरे क्षेत्र को एक तरह से अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल के साथ-साथ प्रादेशिक आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) की कई कंपनियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह विशेष सुरक्षा घेरा अगले एक सप्ताह तक चौबीसों घंटे प्रभावी रहेगा।
सुरक्षा का त्रि-स्तरीय चक्र: निगरानी में पूरा इलाका
प्रशासन ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है:
- भारी बल की तैनाती: बनभूलपुरा थाने के साथ-साथ जिले के विभिन्न थानों से अतिरिक्त फोर्स को यहां बुलाया गया है। PAC की टुकड़ियों ने संवेदनशील चौराहों और गलियों में मोर्चा संभाल लिया है।
- रैपिड एक्शन: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण वाहनों (वज्र) और दमकल की गाड़ियों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
- ड्रोन से नजर: संकरी गलियों और छतों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जा रहा है ताकि भीड़ जुटने या पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को पहले ही रोका जा सके।
एक सप्ताह का सुरक्षा घेरा: प्रशासन की रणनीति
अतिक्रमण विरोधी अभियान या सर्वेक्षण की संभावनाओं के बीच पुलिस ने दीर्घकालिक योजना बनाई है:
- रूट मार्च और फ्लैग मार्च: पुलिस और पीएसी के जवान लगातार क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर रहे हैं ताकि स्थानीय निवासियों के बीच कानून का इकबाल कायम रहे और असामाजिक तत्वों में भय पैदा हो।
- बाहरी व्यक्तियों पर रोक: क्षेत्र में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही है। खुफिया विभाग (LIU) को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी भड़काऊ गतिविधि की सूचना तुरंत मिल सके।
- एक हफ्ते की तैनाती: वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पीएसी के जवान कम से कम एक सप्ताह तक इसी क्षेत्र में डेरा डाले रहेंगे। स्थिति की समीक्षा के बाद इस समय सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है।
स्थानीय निवासियों से शांति की अपील
पुलिस महानिरीक्षक और जिलाधिकारी ने स्थानीय धर्मगुरुओं और गणमान्य व्यक्तियों के साथ समन्वय स्थापित किया है:
- अफवाहों से बचें: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें।
- सहयोग की अपेक्षा: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों की तैनाती केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए है और आम नागरिकों को इससे डरने की आवश्यकता नहीं है।





