Thursday, February 26, 2026

Top 5 This Week

Related Posts

बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में ‘रील’ और ‘वीडियो’ पर पाबंदी: आस्था के केंद्र में मोबाइल के बेजा इस्तेमाल पर रोक; बदरी-केदार मंदिर समिति का बड़ा फैसला

देहरादून/जोशीमठ: विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने तीर्थयात्रियों की आस्था और मंदिर की गरिमा को बनाए रखने के लिए एक कड़ा निर्णय लिया है। इस वर्ष बदरीनाथ और केकेदारनाथ धाम के मुख्य मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल ले जाने, वीडियो बनाने और रील (Reels) शूट करने पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने के चक्कर में श्रद्धालुओं द्वारा की गई ‘अमर्यादित’ गतिविधियों के बाद यह कदम उठाया गया है। मंदिर समिति का मानना है कि इन गतिविधियों से न केवल मंदिर की पवित्रता भंग होती है, बल्कि आम दर्शनार्थियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?

मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने पिछले सीजन के अनुभवों के आधार पर यह निर्णय लिया है:

  • मर्यादा का उल्लंघन: पिछले वर्ष कई इन्फ्लुएंसर्स और यात्रियों ने मंदिर के गर्भगृह और प्रांगण में फिल्मी गानों पर रील बनाई थी, जिससे स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और भक्तों में भारी रोष था।
  • दर्शन में बाधा: रील बनाने और सेल्फी लेने की होड़ के कारण दर्शन की कतारें धीमी हो जाती हैं, जिससे घंटों तक इंतजार कर रहे बुजुर्ग और बीमार यात्रियों को परेशानी होती है।
  • सुरक्षा और निजता: भीड़भाड़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल का अत्यधिक उपयोग सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बना हुआ था।

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई

प्रशासन ने इस प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  1. चेकिंग पॉइंट: मंदिर के प्रवेश द्वारों पर क्यूआर कोड और चेकिंग की व्यवस्था होगी, जहाँ मोबाइल फोन को स्विच ऑफ करने या काउंटर पर जमा करने के निर्देश दिए जाएंगे।
  2. सीसीटीवी निगरानी: पूरे मंदिर परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। यदि कोई चोरी-छिपे वीडियो बनाता पाया गया, तो उसका मोबाइल जब्त कर लिया जाएगा।
  3. जुर्माना और पुलिस कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है और उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

मंदिर समिति और सरकार का पक्ष

बीकेटीसी (BKTC) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने स्पष्ट किया कि धामों की यात्रा केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शांति के लिए है:

“चारधाम आस्था के केंद्र हैं, पिकनिक स्पॉट नहीं। हम चाहते हैं कि श्रद्धालु यहां आकर भगवान के दर्शन करें और शांति का अनुभव करें, न कि कैमरा और रील के चक्कर में मर्यादा भूलें। मंदिर की पवित्रता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।” — अजेंद्र अजय, अध्यक्ष, बीकेटीसी

Popular Articles