नई दिल्ली: आगामी आम बजट से पहले देश के करोड़ों मध्यम वर्गीय करदाताओं के लिए अच्छी खबर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय इस बार के बजट में इनकम टैक्स (Income Tax) के ढांचे में बड़े बदलाव करने पर विचार कर रहा है। सरकार का मुख्य ध्यान नौकरीपेशा वर्ग को अधिक ‘डिस्पोजेबल इनकम’ (हाथ में बचने वाला पैसा) उपलब्ध कराने पर है, ताकि बाजार में खपत को बढ़ावा दिया जा सके।
इन क्षेत्रों में मिल सकती है बड़ी राहत
बजट पूर्व चर्चाओं में जिन प्रमुख बदलावों के संकेत मिल रहे हैं, वे इस प्रकार हैं:
- मानक कटौती (Standard Deduction) में वृद्धि: वर्तमान में नौकरीपेशा लोगों को ₹50,000 की मानक कटौती मिलती है। चर्चा है कि इसे बढ़ाकर ₹75,000 या ₹1 लाख किया जा सकता है।
- टैक्स स्लैब में बदलाव: नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कर मुक्त आय की सीमा को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने पर विचार चल रहा है।
- धारा 80C की सीमा: पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों के लिए धारा 80C के तहत निवेश पर छूट की सीमा को पिछले कई वर्षों से ₹1.5 लाख पर स्थिर रखा गया है। मध्यम वर्ग की मांग है कि इसे बढ़ाकर ₹2.5 लाख किया जाए।
बजट का मुख्य उद्देश्य: खपत को बढ़ावा देना
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल क्लास के हाथ में ज्यादा पैसा बचेगा, तो वे घर, वाहन और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं पर अधिक खर्च करेंगे। इससे देश की जीडीपी (GDP) विकास दर को गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य मध्यम वर्ग को राहत देकर एक “फील गुड” फैक्टर पैदा करना है।
होम लोन और बीमा पर भी नजर
- होम लोन ब्याज: पहली बार घर खरीदने वालों के लिए ब्याज पर मिलने वाली ₹2 लाख की छूट की सीमा को बढ़ाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
- स्वास्थ्य बीमा: वरिष्ठ नागरिकों और मध्यम वर्ग के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर मिलने वाली कटौती के दायरे को भी बढ़ाया जा सकता है।
कब पेश होगा बजट?
परंपरा के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में यह बजट पेश करेंगी। हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा होना बाकी है, लेकिन सरकार के भीतर चल रही बैठकों से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि इस बार का बजट ‘आम आदमी’ के पक्ष में रहने वाला है।
विशेषज्ञ की राय: “लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए टैक्स छूट की सीमाओं में संशोधन करना अनिवार्य हो गया है। अगर सरकार ₹7 लाख तक की आय को पूरी तरह टैक्स फ्री करती है, तो यह मध्यम वर्ग के लिए अब तक का सबसे बड़ा तोहफा होगा।”





