नई दिल्ली: देश का आम बजट पेश होने में अब बस कुछ ही समय शेष है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 (रविवार) को मोदी सरकार का एक और महत्वपूर्ण बजट पेश करने जा रही हैं। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भारत की विकास दर 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान जताया गया है, जिसके बाद अब सबकी निगाहें वित्त मंत्री के ‘बजट ब्रीफकेस’ पर टिकी हैं। इस बार मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा लोगों और वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स में बड़ी राहत मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
आम आदमी की 5 बड़ी उम्मीदें: क्या मिलेगा तोहफा?
बजट 2026 से जुड़े प्रमुख कयास और विशेषज्ञों की राय के अनुसार, निम्नलिखित क्षेत्रों में राहत मिल सकती है:
- स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) में बढ़ोतरी
सैलरीड क्लास के लिए सबसे बड़ी उम्मीद स्टैंडर्ड डिडक्शन को लेकर है। वर्तमान में यह सीमा ₹75,000 है, जिसे बढ़ाकर ₹1,00,000 किए जाने की मांग की जा रही है। यदि ऐसा होता है, तो नौकरीपेशा लोगों की ‘टेक-होम सैलरी’ बढ़ जाएगी।
- टैक्स-फ्री इनकम की सीमा में विस्तार
चर्चा है कि नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत अब ₹15 लाख तक की सालाना आय को प्रभावी रूप से टैक्स-फ्री किया जा सकता है। वर्तमान में धारा 87A के तहत ₹12 लाख तक की आय पर रिबेट मिलती है, जिसे महंगाई को देखते हुए बढ़ाया जा सकता है।
- टैक्स स्लैब का सरलीकरण
टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि 30% वाले उच्चतम टैक्स स्लैब की सीमा को ₹24 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख किया जा सकता है। इससे उच्च मध्यम वर्ग के करदाताओं के हाथ में निवेश के लिए अधिक पैसा बचेगा।
- होम लोन और घर खरीदारों को राहत
रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट देने के लिए सरकार होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली छूट (धारा 24b) की सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख या उससे अधिक कर सकती है। इसके अलावा, ‘सस्ती आवास योजना’ की परिभाषा में भी बदलाव संभव है।
- हेल्थ इंश्योरेंस और वरिष्ठ नागरिक
बढ़ते मेडिकल खर्चों को देखते हुए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर मिलने वाली छूट (धारा 80D) को बढ़ाए जाने की उम्मीद है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक एफडी (FD) और बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा भी ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख की जा सकती है।
शेयर बाजार और निवेशकों के लिए क्या?
- LTCG में बदलाव: निवेशकों को उम्मीद है कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स की छूट सीमा को ₹1.25 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख किया जा सकता है।
- STT में कटौती: बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ाने के लिए ‘सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स’ (STT) को कम करने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
क्या हो सकता है सस्ता और क्या महंगा?
| क्षेत्र | संभावित असर |
| इलेक्ट्रॉनिक्स | घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल और लैपटॉप सस्ते हो सकते हैं। |
| ग्रीन एनर्जी | सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के पुर्जों पर ड्यूटी घट सकती है। |
| लक्जरी सामान | आयातित घड़ियाँ, कारें और सोना-चांदी महंगा हो सकता है। |
रविवार को भी खुलेगा शेयर बाजार
खास बात यह है कि इस बार बजट रविवार को पेश हो रहा है। निवेशकों की सुविधा के लिए BSE और NSE ने रविवार को विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित करने का फैसला किया है, ताकि बाजार बजट घोषणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सके।
“सरकार का ध्यान इस बार उपभोग (Consumption) बढ़ाने और मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत देने पर रहेगा। यदि टैक्स रिबेट की सीमा बढ़ती है, तो इससे बाजार में डिमांड बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।” — बाजार विश्लेषक





