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फ्रांस में हिंसा पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- इमिग्रेशन ने बिगाड़े हालात; समय रहते बंद करें सीमाएं

वाशिंगटन। फ्रांस में महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के हिंसक रूप लेने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आव्रजन नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने फ्रांस में फैली हिंसा के लिए इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार से अपनी सीमाएं बंद करने और हालात पर नियंत्रण पाने की अपील की है।

ट्रंप ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर फ्रांस की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए लोगों के कारण देश की स्थिति बिगड़ी है। हालांकि, फ्रांस में जारी प्रदर्शनों के पीछे महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर असंतोष भी प्रमुख कारण बताया जा रहा है। 

फ्रांस के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन

फ्रांस की राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनों के दौरान देशभर में लगभग 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सैकड़ों सुरक्षाकर्मियों और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के घायल होने की भी खबर है। लिमोजेस शहर में ऐतिहासिक सिटी हॉल को आगजनी के कारण नुकसान पहुंचा। 

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में फ्रांस की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि देश में बढ़ते आव्रजन ने हालात बिगाड़ दिए हैं। उन्होंने फ्रांस से अपील की कि बहुत देर होने से पहले अपनी सीमाओं को बंद करे और स्थिति पर नियंत्रण स्थापित करे।

उनके इस बयान ने यूरोप की आव्रजन नीतियों को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है।

जेडी वेंस ने भी आव्रजन नीति पर उठाए सवाल

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी फ्रांस में जारी हिंसा पर टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी देशों की सरकारें अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए लोगों के सामाजिक समायोजन और एकीकरण से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से हल नहीं कर पाई हैं।

मैक्रों सरकार के सामने चुनौती

फ्रांस में जारी हिंसक प्रदर्शनों ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता की नाराजगी दूर करने की चुनौती खड़ी कर दी है। प्रशासन को एक ओर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा करनी है, वहीं दूसरी ओर हिंसा, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं पर रोक लगानी है।

फिलहाल, फ्रांस में हालात सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। ट्रंप के बयान के बाद आव्रजन नीति और यूरोपीय देशों की आंतरिक सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज होने की संभावना है।

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