Friday, February 27, 2026

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प्रिंसिपल ओवर प्रॉफिट: कौन हैं डारियो अमोदेई? जिन्होंने सुरक्षित AI के लिए ठुकराया ओपनएआई और पेंटागन का ‘ऑफर’; बन गए सुरक्षा के वैश्विक प्रहरी

सैन फ्रांसिस्को/नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—डारियो अमोदेई। एंथ्रोपिक (Anthropic) के सीईओ अमोदेई ने हाल ही में अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के उस ‘अंतिम प्रस्ताव’ को ठुकराकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है, जिसमें उनके AI मॉडल ‘क्लॉड’ (Claude) पर लगे सुरक्षा प्रतिबंधों को हटाने की मांग की गई थी। यह वही व्यक्ति हैं जिन्होंने कभी ओपनएआई (OpenAI) में भविष्य के लिए एक ‘सुरक्षित विजन’ न होने के कारण कंपनी छोड़ दी थी। आज उनकी कंपनी एंथ्रोपिक $380 बिलियन (करीब 31.5 लाख करोड़ रुपये) की वैल्यूएशन के साथ दुनिया की सबसे मूल्यवान और ‘सुरक्षित’ AI कंपनियों में शुमार है।

कौन हैं डारियो अमोदेई? (प्रोफ़ाइल)

डारियो अमोदेई कोई साधारण टेक उद्यमी नहीं, बल्कि एक उच्च शिक्षित वैज्ञानिक हैं:

  • शिक्षा: उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से बायोफिजिक्स में पीएचडी की है और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च किया है।
  • अनुभव: एंथ्रोपिक शुरू करने से पहले वह OpenAI में रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट थे। उन्होंने ही ‘GPT-2’ और ‘GPT-3’ जैसे क्रांतिकारी मॉडल्स के विकास का नेतृत्व किया था।
  • RLHF के जनक: उन्होंने RLHF (Reinforcement Learning from Human Feedback) तकनीक का सह-आविष्कार किया, जो AI को इंसानी पसंद-नापसंद और नैतिकता के आधार पर जवाब देना सिखाती है।

OpenAI से क्यों अलग हुए?

2021 में डारियो ने अपनी बहन डेनिएला अमोदेई और कुछ अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर ओपनएआई छोड़ दिया था। इसके पीछे मुख्य कारण सैम ऑल्टमैन के साथ वैचारिक मतभेद थे:

  1. सुरक्षा बनाम रफ्तार: डारियो का मानना था कि ओपनएआई सुरक्षा मानकों से ज्यादा तेजी से विकास (Speed) और व्यावसायिक लाभ पर ध्यान दे रही है।
  2. एंथ्रोपिक का जन्म: उन्होंने एंथ्रोपिक की स्थापना एक ‘पब्लिक बेनिफिट कॉर्पोरेशन’ के रूप में की, जिसका प्राथमिक उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि ‘सुरक्षित और जवाबदेह AI’ बनाना है।

पेंटागन के साथ ताज़ा टकराव: ‘लाल रेखा’ नहीं लांघेंगे

फरवरी 2026 में, डारियो अमोदेई ने अमेरिकी सेना के $200 मिलियन के अनुबंध के बावजूद झुकने से इनकार कर दिया। उन्होंने दो ‘रेड लाइन्स’ खींची हैं:

  • निगरानी (Surveillance): ‘क्लॉड’ का इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों की जासूसी के लिए नहीं किया जाएगा।
  • स्वायत्त हथियार (Autonomous Weapons): AI को बिना इंसानी हस्तक्षेप के किसी की जान लेने का निर्णय लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • धमकी का असर: पेंटागन ने उन्हें ‘सप्लाई चेन रिस्क’ घोषित करने की धमकी दी है, लेकिन अमोदेई ने स्पष्ट किया कि वह तकनीक की गलत क्षमताओं का प्रदर्शन कर देश की सुरक्षा को जोखिम में नहीं डालेंगे।

AI सुनामी और भारत पर विजन

डारियो ने हाल ही में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में भारत को AI का “सबसे बड़ा टेस्टिंग हब” बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि 2030 तक AI “लगभग हर मानसिक कार्य” में इंसानों से आगे निकल जाएगा, जिसे उन्होंने ‘AI सुनामी’ करार दिया है।

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