नई दिल्ली। परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार के कदम को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा पर उर्दू शायर मुनीर नियाजी की पंक्तियों के जरिए निशाना साधा।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर मुनीर नियाजी की चर्चित पंक्ति “हमेशा देर कर देता हूं मैं…” का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के जवाब में यह टिप्पणी की, जिसमें पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही गई थी।
दरअसल, नीट समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सरकार को पहले ही प्रभावी कदम उठाने चाहिए थे।
थरूर इससे पहले भी परीक्षा प्रणाली में कथित खामियों को लेकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसियों पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि बार-बार सामने आने वाली ऐसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भरोसा प्रभावित होता है और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाने की बात कही है और ऐसे मामलों की तेज सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की व्यवस्था का ऐलान किया है।
थरूर की टिप्पणी के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। सत्ता पक्ष जहां सरकार के कदमों को परीक्षा सुधार की दिशा में अहम बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे देर से उठाया गया कदम बता रहा है। पेपर लीक का मुद्दा संसद में भी प्रमुख राजनीतिक विषय बना हुआ है।





