काबुल।
पूर्वी अफगानिस्तान में आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.3 मापी गई। झटके इतने जोरदार थे कि कई जिलों में गांव के गांव तबाह हो गए। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 800 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 2500 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं।
अफगानिस्तान के आपदा प्रबंधन मंत्रालय के अनुसार, सबसे अधिक नुकसान पकटिका और खोस्त प्रांतों में हुआ है। यहां हजारों घर पूरी तरह ढह गए। ग्रामीण इलाकों में बनीं कच्ची और मिट्टी की दीवारों वाले घरों के कारण जनहानि ज्यादा हुई है। मलबे से लोगों को निकालने का काम तेजी से जारी है।
भूकंप से प्रभावित इलाकों में संचार और सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे राहत और बचाव कार्य में बड़ी मुश्किलें आ रही हैं। हेलीकॉप्टर और सेना की मदद से घायलों को अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं और स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद सीमित पड़ गई हैं।
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रॉस और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने तुरंत राहत भेजने का वादा किया है। भारत ने भी भूकंप पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अफगानिस्तान भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। बीते एक महीने में यहां कई बार धरती हिली है, लेकिन इस बार का भूकंप सबसे ज्यादा विनाशकारी साबित हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी के चलते हालात और भयावह हो गए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी बड़ी तबाही पहले कभी नहीं देखी। कई गांवों में सन्नाटा पसरा है और लोग अपने परिजनों को ढूंढने में लगे हैं। राहत एजेंसियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या 1000 से ऊपर जा सकती है।
पूर्वी अफगानिस्तान में भूकंप से तबाही; गांव के गांव बर्बाद, कम से कम 800 लोगों की मौत, 2500 घायल





