नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च विदेशी सम्मान ‘ओलिय दराजाली दोस्तलिक’ (Order of Highest Friendship) से सम्मानित किया गया है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने रविवार को प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच मित्रता और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने में उनके योगदान के लिए दिया गया है।
सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों और मजबूत होती दोस्ती का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सम्मान के साथ भारत की जिम्मेदारी भी बढ़ी है और दोनों देश ग्लोबल साउथ के साझेदार के रूप में मानवता के कल्याण के लिए मिलकर काम करेंगे।
भाजपा ने बताया गौरव का क्षण
भाजपा ने प्रधानमंत्री को मिले सम्मान को हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री को बधाई दी।
भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश नीति ने भारत की आवाज को वैश्विक मंचों पर मजबूत किया है। पार्टी ने इस सम्मान को भारत के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव और विभिन्न देशों के साथ मजबूत होते संबंधों का प्रमाण बताया।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को मिली नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर भी सहमति जताई है।
उज्बेकिस्तान का यह सर्वोच्च सम्मान प्रधानमंत्री मोदी के अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की सूची में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ा है।





