Monday, January 12, 2026

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पाकिस्तान: हिंदू युवक की हत्या के बाद भड़का आक्रोश; सिंध प्रांत में सड़कों पर उतरे हजारों लोग, गूंजे ‘जय श्री राम’ के नारे

कराची/हैदराबाद (सिंध): पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक हिंदू युवक की बेरहमी से की गई हत्या के विरोध में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय का गुस्सा फूट पड़ा है। घटना के विरोध में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन किया। विशेष रूप से सिंध के विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘जय श्री राम’ के नारे गूंजे, जो पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों के प्रति कड़े प्रतिरोध को दर्शाते हैं।

क्या है पूरी घटना?

जानकारी के अनुसार, सिंध प्रांत के एक ग्रामीण इलाके में रहने वाले हिंदू युवक को कुछ अज्ञात तत्वों ने अगवा कर लिया था। बाद में उसका शव क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद हुआ।

  • नृशंसता की पराकाष्ठा: स्थानीय सूत्रों का कहना है कि हत्या से पहले युवक को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया था।
  • पुलिस की सुस्ती: परिजनों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने शुरुआती घंटों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे अपराधियों को भागने का मौका मिल गया।

सिंध की सड़कों पर ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन

हत्या की खबर फैलते ही हिंदू समुदाय के साथ-साथ नागरिक समाज के लोग भी न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर आ गए।

  • गूंजे जय श्री राम के नारे: प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर ‘जय श्री राम’ और ‘हमें न्याय चाहिए’ के नारे लगाए गए।
  • व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद: विरोध स्वरूप कई इलाकों में बाजार बंद रहे और लोगों ने मुख्य राजमार्गों को जाम कर दिया, जिससे यातायात घंटों तक बाधित रहा।

अल्पसंख्यकों में असुरक्षा का माहौल

पाकिस्तान में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की यह कोई पहली घटना नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का ध्यान इस ओर खींचते हुए कहा:

  1. जबरन धर्म परिवर्तन और हत्याएं: सिंध में हिंदू लड़कियों के अपहरण और अब युवकों की टारगेट किलिंग ने पूरे समुदाय को डरा दिया है।
  2. कानून का खौफ नहीं: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ईशनिंदा और अन्य कट्टरपंथी कानूनों की आड़ में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना एक सामान्य बात हो गई है।
  3. सुरक्षा की मांग: हिंदू समुदाय ने मांग की है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की संभावना

भारत सहित दुनिया भर के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना की निंदा की है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की घटती संख्या और उन पर हो रहे हमले वैश्विक पटल पर पाकिस्तान की छवि को और अधिक धूमिल कर रहे हैं।

ताजा स्थिति: फिलहाल सिंध के प्रभावित इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों के भीतर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे कराची में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।

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