Top 5 This Week

Related Posts

‘पहले जनगणना, फिर परिसीमन’: सोनिया गांधी का केंद्र पर तीखा हमला; महिला आरक्षण में ओबीसी कोटे और छोटे राज्यों के हितों की उठाई मांग

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) की योजना पर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देश में लोकसभा सीटों के पुनर्निर्धारण से पहले जनगणना का कार्य पूरा होना अनिवार्य है। सोनिया गांधी ने चेतावनी दी कि यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक लाभ के बजाय पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण के भीतर ओबीसी (OBC) उप-कोटे की मांग को दोहराते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

निष्पक्षता और जनगणना की प्राथमिकता

एक मीडिया लेख के माध्यम से सोनिया गांधी ने परिसीमन के प्रस्तावित फॉर्मूले पर अपनी चिंताएं साझा कीं।

  • जनगणना है अनिवार्य: उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी परिसीमन अभ्यास से पहले जनगणना की जानी चाहिए, जैसा कि पहले भी होता आया है। बिना सटीक जनसंख्या आंकड़ों के सीटों का बंटवारा अतार्किक होगा।
  • छोटे राज्यों की सुरक्षा: सोनिया गांधी ने कहा कि जिन राज्यों ने परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण में अग्रणी भूमिका निभाई है, उन्हें सजा नहीं मिलनी चाहिए। परिसीमन ऐसा न हो कि दक्षिण भारतीय या छोटे राज्यों को उनकी सफलता के कारण लोकसभा में प्रतिनिधित्व का नुकसान उठाना पड़े।

“असली मुद्दा परिसीमन है, आरक्षण नहीं”

सोनिया गांधी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला आरक्षण पर तो सहमति बन चुकी है, लेकिन असली खतरा इसके पीछे छिपे परिसीमन के एजेंडे में है।

  • संविधान पर हमला: उन्होंने अनौपचारिक जानकारी के आधार पर परिसीमन को “बेहद खतरनाक” बताया और इसे भारतीय संविधान पर एक परोक्ष हमला करार दिया।
  • जल्दबाजी पर रोक: उन्होंने याद दिलाया कि स्थानीय निकायों और पंचायतों में महिला आरक्षण का ऐतिहासिक निर्णय पांच साल की लंबी चर्चा के बाद ही संभव हो पाया था। अतः सरकार को ऐसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों को जल्दबाजी में पारित नहीं करना चाहिए।

सर्वदलीय बैठक और मानसून सत्र का सुझाव

कांग्रेस नेता ने सरकार को इस गतिरोध को सुलझाने के लिए एक लोकतांत्रिक रास्ता भी सुझाया है।

  • संवाद की अपील: उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार 29 अप्रैल के बाद इस विषय पर एक सर्वदलीय बैठक बुला सकती है। इसके बाद विस्तृत चर्चा के आधार पर जुलाई में होने वाले संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे को उठाया जाना चाहिए।
  • छवि चमकाने का आरोप: सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुश्किल समय में सरकार अपनी छवि चमकाने के लिए अलोकतांत्रिक तरीके अपना रही है। इस बीच, कांग्रेस ने अपने सभी लोकसभा सांसदों के लिए व्हिप (Whip) जारी कर उन्हें संसद के विशेष सत्र के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

महिला आरक्षण में ‘ओबीसी कोटा’ की मांग

सोनिया गांधी ने सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में बदलाव की मांग की।

  • पिछड़ों की भागीदारी: उन्होंने कहा कि जब तक महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं के लिए उप-कोटा निर्धारित नहीं किया जाता, तब तक यह प्रतिनिधित्व अधूरा रहेगा। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2023 में विधेयक पारित होने के समय भी सदन में यही मांग प्रमुखता से उठाई थी।

Popular Articles