Top 5 This Week

Related Posts

पहले गरीबी हटाओ के सिर्फ नारे लगते थे, हमने 50 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला: पीएम मोदी

पुणे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबी उन्मूलन के मुद्दे पर पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गरीबी हटाने की लड़ाई केवल नारों तक सीमित थी, लेकिन उनकी सरकार ने जमीनी स्तर पर काम करके करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। उन्होंने विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले 10 से 12 वर्षों में देश के करीब 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं।

प्रधानमंत्री मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे मेट्रो की 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गरीबों को सशक्त बनाना और सुशासन उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि गरीबों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।

सरकारी योजनाओं से बदली गरीबों की जिंदगी

पीएम मोदी ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्के मकान, शौचालय, नल से जल और एलपीजी कनेक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले सरकारी योजनाओं का पैसा भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों के कारण जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाता था, लेकिन अब योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे में निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं का विस्तार देश की आर्थिक वृद्धि को गति दे रहा है।

248 किलोमीटर से 1200 किलोमीटर हुआ मेट्रो नेटवर्क

प्रधानमंत्री ने शहरी परिवहन के विकास का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में देश का परिचालन मेट्रो नेटवर्क 248 किलोमीटर था, जो अब बढ़कर करीब 1200 किलोमीटर हो गया है। पहले केवल पांच शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध थी, जबकि अब 26 शहरों में मेट्रो चल रही है। प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक यात्री मेट्रो से सफर कर रहे हैं।

पुणे मेट्रो की पिंक लाइन 8300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार हुई है। यह हिंजेवाड़ी आईटी हब को जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगी।

महाराष्ट्र के किसानों को दिया भरोसा

प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति पर चिंता जताते हुए किसानों को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि त्योहारों की खुशियों में सूखा प्रभावित किसानों और उनके परिवारों को भी शामिल करें।

Popular Articles