केंद्र सरकार ने राज्यसभा को जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच फैली 2,216.7 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा में से 1,647.696 किमी पर बाड़बंदी का काम पूरा हो चुका है। हालांकि, 569.004 किमी हिस्सा अब भी अधूरा है, जिसमें से 112.780 किमी पर भौगोलिक कारणों से बाड़ लगाना संभव नहीं है।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी भाजपा सांसद शंभू शरण पटेल और नीरज शेखर के सवाल के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि 456.224 किमी व्यवहार्य सीमा में से 77.935 किमी का कार्य क्रियान्वयन एजेंसियों को सौंप दिया गया है। वहीं, शेष 378.289 किमी सीमा में से 148.971 किमी भूमि का अधिग्रहण प्रदेश सरकार को करना है, जबकि 229.318 किमी सीमा का अधिग्रहण विभिन्न चरणों में है।
राय ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए केंद्र लगातार प्रयास कर रहा है। राज्य सरकार के साथ नियमित बैठकें और समीक्षा की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 181.635 किमी भूमि के लिए मुआवजा पहले ही जारी किया जा चुका है।
घुसपैठ को रोकने की कोशिश
गृह राज्यमंत्री ने उच्च सदन को यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में (1 जनवरी 2023 से 31 जुलाई 2025 तक) पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ के 3,964 मामले दर्ज किए गए। इसी वजह से सरकार सीमा पर बाड़बंदी को प्राथमिकता दे रही है ताकि घुसपैठ और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।





