यरूशलेम/तेहरान (23 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया में जारी भीषण और विनाशकारी संघर्ष अब अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरा क्षेत्र एक अभूतपूर्व मानवीय और कूटनीतिक संकट की चपेट में है। अमेरिकी और इजराइली रक्षा बलों द्वारा ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर किए गए भीषण और ताबड़तोड़ हमलों से तेहरान, इस्फ़हान और करज जैसे प्रमुख ईरानी शहर दहल उठे हैं। शनिवार रात को तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में कई शक्तिशाली धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे राजधानी में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। ईरान ने भी इसराइल और खाड़ी देशों (जैसे कतर, यूएई और बहरीन) में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन के जरिए जोरदार पलटवार किया है, जिससे संघर्ष के और अधिक फैलने की आशंका बढ़ गई है।
इजराइल का हमला: परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना
इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की है कि उसने ईरान के खिलाफ एक “जटिल और व्यापक कूटनीतिक और सैन्य अभियान” शुरू किया है। IDF ने दावा किया है कि उसके लड़ाकू विमानों, ड्रोन और मिसाइलों ने ईरान के परमाणु और सैन्य बुनियादी ढांचे को महत्वपूर्ण नुकसान पहुँचाया है:
- परमाणु ठिकाने: इजराइल ने इस्फ़हान और नटांज (Natanz) में स्थित ईरान के प्रमुख परमाणु संवर्धन और अनुसंधान केंद्रों को निशाना बनाया। इन हमलों से इन केंद्रों को भारी क्षति पहुँचने की आशंका है, जिससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को एक बड़ा झटका लग सकता है।
- सैन्य अड्डे: IDF ने तेहरान, करज और अन्य शहरों में स्थित ईरान के मिसाइल और ड्रोन लॉन्च पैड, एयर डिफेंस सिस्टम, और रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालयों पर भी ताबड़तोड़ हमले किए। इन हमलों में कई ईरानी सैनिक और अधिकारियों के मारे जाने की खबर है।
ईरान का पलटवार: इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल बारिश
ईरान ने इजराइली हमलों को “कायरतापूर्ण और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताया है और एक कड़ा और निर्दयी जवाब देने की कसम खाई है:
- इजराइल पर मिसाइल हमले: ईरान ने इजराइल के तेल अवीव, यरूशलेम, और डिमोना (Dimona) जैसे प्रमुख शहरों पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे। हालांकि, इजराइल के आयरन डोम और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया, लेकिन कुछ मिसाइलों के गिरने से इजराइल में भी नुकसान पहुँचा है और कई लोग घायल हुए हैं।
- अमेरिकी ठिकानों पर हमले: ईरान ने कतर के अल-उदैद (Al-Udeid) और यूएई के अल-धफरा (Al-Dhafra) जैसे खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में अमेरिकी सैनिकों को कोई नुकसान पहुँचने की अभी तक कोई खबर नहीं है, लेकिन ये हमले अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: शांति की अपील और कूटनीतिक तनाव
पश्चिम एशिया संकट पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है:
- संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तत्काल युद्ध विराम की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ा खतरा है और इसे हल करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज किया जाना चाहिए।
- अमेरिका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है, लेकिन साथ ही ईरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने और संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए भी काम करने की बात कही है।
- रूस और चीन: रूस और चीन ने इजराइली हमलों की निंदा की है और इसे ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की अपील की है।





