नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संकट के दौरान फंसे 4,052 भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया गया है। केंद्र सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान के तहत उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। साथ ही, संकट के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय नाविकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
सरकार के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री मार्गों पर गंभीर सुरक्षा चुनौतियां पैदा हो गई थीं। भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विदेश मंत्रालय, नौवहन महानिदेशालय और अन्य संबंधित एजेंसियों ने समन्वित प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप हजारों नाविकों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी।
केंद्र सरकार ने बताया कि संकट के दौरान कई भारतीय नाविकों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। जिन भारतीय नागरिकों की इस दौरान मृत्यु हुई, उनके परिवारों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है।
सरकार ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नागरिकों तथा नाविकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित मंत्रालयों को भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। ऐसे में भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ समुद्री गतिविधियों की सतत निगरानी और आवश्यक सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया है।





