Monday, February 9, 2026

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परीक्षाओं में अब नहीं चलेगी कोई लापरवाही, आयोग तैयार करेगा बहुस्तरीय सुरक्षा रणनीति

देहरादून। राज्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने एक नई पहल शुरू की है। आयोग अब प्रत्येक परीक्षा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा रणनीति (Multi-Layered Security Strategy) तैयार करेगा, जिससे परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, परीक्षा से पूर्व सिक्योरिटी ऑडिट की व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
आयोग के अनुसार, इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य प्रश्नपत्र लीक, पेपर सेटिंग में गड़बड़ी, परीक्षा केंद्रों पर अनुशासनहीनता और उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन में लापरवाही जैसी घटनाओं पर सख्त नियंत्रण करना है। आयोग ने कहा कि अब परीक्षा से जुड़े सभी स्तर — प्रश्नपत्र निर्माण, मुद्रण, पैकिंग, वितरण, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और मूल्यांकन — के लिए एक समग्र सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, सिक्योरिटी ऑडिट में बाहरी विशेषज्ञ टीम भी शामिल होगी, जो हर परीक्षा से पहले तैयारियों की जांच करेगी। यह टीम प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डिजिटल डेटा के एन्क्रिप्शन, लॉजिस्टिक व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों की तकनीकी तैयारियों की समीक्षा करेगी। रिपोर्ट सीधे आयोग के अध्यक्ष को सौंपी जाएगी ताकि समय रहते सुधार किए जा सकें।
डिजिटल और तकनीकी सुरक्षा पर जोर

नई रणनीति में डिजिटल निगरानी को प्राथमिकता दी जाएगी। आयोग सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक उपस्थिति, और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी तकनीकों का उपयोग बढ़ाने जा रहा है। प्रश्नपत्र छपाई और वितरण के दौरान QR कोड और ट्रैकिंग कोड सिस्टम लागू करने पर भी विचार चल रहा है। इससे प्रत्येक पैकेट का रिकॉर्ड रीयल-टाइम में सुरक्षित रहेगा और किसी भी गड़बड़ी की तुरंत जानकारी मिल सकेगी।
गोपनीयता और जवाबदेही होगी अनिवार्य
आयोग सभी संबंधित कर्मचारियों, एजेंसियों और अधिकारियों से गोपनीयता अनुबंध (Confidentiality Bond) पर हस्ताक्षर कराएगा। साथ ही, किसी भी स्तर पर लापरवाही या जानबूझकर नियम उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की दिशा में कदम
आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “अब परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने पर हमारा फोकस है। सिक्योरिटी ऑडिट और बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था से किसी भी अनियमितता की गुंजाइश नहीं रहेगी।”
राज्य में हाल के वर्षों में परीक्षा लीक जैसी घटनाओं से अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित हुआ था। ऐसे में आयोग की यह नई पहल परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बहाल करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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