Top 5 This Week

Related Posts

न्यायिक ढांचे और ई-कोर्ट आधुनिकीकरण के लिए 2,010 करोड़ रुपये का बजट, अदालतों के डिजिटलीकरण को मिलेगी रफ्तार

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और अदालतों के डिजिटलीकरण को गति देने के लिए केंद्रीय बजट 2026 में कुल 2,010 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि का उद्देश्य जिला एवं अधीनस्थ अदालतों के बुनियादी ढांचे का विकास, ई-कोर्ट परियोजना के तीसरे चरण को आगे बढ़ाना तथा न्यायिक सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाना है।

केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र प्रायोजित योजना (CSS) के तहत 810 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, अदालतों के डिजिटलीकरण, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों सहित ई-कोर्ट परियोजना (फेज-III) के लिए 1,200 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

सरकार के अनुसार, इन योजनाओं के लिए स्वीकृत परियोजनाओं और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं। हालांकि, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए केवल वित्तीय सहायता ही पर्याप्त नहीं है। मामलों की जटिलता, जांच की गुणवत्ता, साक्ष्यों की उपलब्धता, न्यायिक प्रक्रिया, अधिवक्ताओं की प्रस्तुति और पक्षकारों के सहयोग जैसे कई अन्य कारक भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सरकार ने बताया कि राज्यों और न्यायपालिका के सहयोग से देशभर में न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। ई-कोर्ट परियोजना के तहत ई-फाइलिंग, ई-पेमेंट, वर्चुअल कोर्ट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड (NJDG) जैसी डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से टेली-लॉ सेवाएं, मुफ्त कानूनी सहायता और वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि इस निवेश से न्यायालयों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, डिजिटल न्याय प्रणाली को मजबूती मिलेगी और आम नागरिकों को अधिक तेज, पारदर्शी एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

Popular Articles