नैनीताल/भवाली: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार (17 मार्च 2026) को विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौली के धाम, कैंची धाम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर क्षेत्र में चल रहे सुंदरीकरण कार्यों और यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए बन रहे महत्वपूर्ण बाईपास प्रोजेक्ट्स का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य आगामी पर्यटन और यात्रा सीजन से पहले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण की मुख्य बातें:
- बाईपास निर्माण में तेजी: मुख्य सचिव ने भवाली-रातिघाट बाईपास (सैनिटोरियम-रातिघाट मार्ग) का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिए कि जून में आने वाले भारी रश से पहले इस मार्ग पर यातायात सुचारू कर दिया जाए।
- वैकल्पिक पुल की व्यवस्था: जब तक रातिघाट में स्थाई मोटर पुल तैयार नहीं हो जाता, तब तक मुख्य सचिव ने इस सीजन के लिए बैली ब्रिज (वैकल्पिक पुल) स्थापित करने के आदेश दिए हैं, ताकि पर्यटकों को जाम में न फंसना पड़े।
- सुंदरीकरण और मास्टर प्लान: धाम के सुंदरीकरण के लिए स्वीकृत 28.15 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की प्रगति जांची गई। इसमें मंदिर के पास बैठने की व्यवस्था, रेलिंग, लाइटिंग और पैदल रास्तों का विकास शामिल है।
- पार्किंग और बुनियादी ढांचा: मुख्य सचिव ने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग स्थलों का विस्तार और पीने के पानी व स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था प्राथमिकता पर है।
जाम की समस्या का स्थायी समाधान
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि कैंची धाम में वीकेंड पर लगने वाला लंबा जाम एक बड़ी चुनौती है। 18 किलोमीटर लंबे इस बाईपास के पूरी तरह चालू होने से अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जाने वाले यात्री सीधे निकल सकेंगे, जिससे मंदिर क्षेत्र में दबाव कम होगा।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि यात्रा सीजन के दौरान शटल सेवा और ट्रैफिक प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करें ताकि बाबा के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को कोई असुविधा न हो।





