गृह सचिव और डीजीपी तलब, SSP से पूछताछ
नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव के दौरान हुई हिंसक घटना पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंदर और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने गृह सचिव और डीजीपी को शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने घटनाक्रम पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं गन कल्चर को बढ़ावा देती हैं और सार्वजनिक शांति को भंग करती हैं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एसएसपी से सवाल किया कि क्या एसपी इंटेलिजेंस ने कोई इनपुट दिया था? इस पर एसएसपी ने साफ कहा—“नहीं।”
एसएसपी ने कोर्ट को बताया कि पंचायत क्षेत्र के पास होटल के बाहर खड़ी लाल कार की कस्टडी ली गई है, जिसमें तलवारें बरामद हुई थीं। कार मालिक फिलहाल फरार है। जांच में पता चला कि घटना में शामिल दो-तीन लोग रामपुर, कुछ रुद्रपुर और सात-आठ लोग नैनीताल के थे। सभी के कॉल डिटेल्स निकाले जा रहे हैं। इसके अलावा एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जांच जारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि सीसीटीवी फुटेज जब्त कर ली गई है और होटलों की चेकिंग की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदिग्ध लोग किन होटलों में रुके थे। साथ ही वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों की एंटी सोशल गतिविधियों में संलिप्तता की भी जांच हो रही है। फिलहाल 14 लोगों की पहचान कर ली गई है, जिनमें से एक को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कोर्ट को दी गई जानकारी में डीएम ने काउंटिंग प्रक्रिया का एफिडेविट दाखिल किया और एसएसपी ने घटनाक्रम का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। खंडपीठ ने कहा कि गोलीबारी और हिंसा की ये घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और इससे आम जनता में भय और अशांति फैलती है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि काउंटिंग और परिणामों के संबंध में फिलहाल कोई निर्देश जारी नहीं किए जाएंगे। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी, जिसमें गृह सचिव और डीजीपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।





