नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल के प्रसिद्ध मां नयना देवी मंदिर परिसर में आस्था और मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाला एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ गैर-हिंदू युवक मंदिर के मुख्य द्वार से जूते पहनकर बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय व्यापारियों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने इसे देवभूमि की धार्मिक परंपराओं का अपमान बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो के अनुसार, यह घटना मंदिर के निकास द्वार के समीप की बताई जा रही है।
- अमर्यादित आचरण: वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक, जो एक विशेष समुदाय से संबंधित बताए जा रहे हैं, मंदिर की पवित्र सीमा के भीतर जूते पहनकर घूम रहे थे और उसी अवस्था में बाहर निकले।
- सोशल मीडिया पर उबाल: जैसे ही यह वीडियो स्थानीय ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, लोगों ने मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना शुरू कर दिया।
हिंदू संगठनों की चेतावनी और प्रदर्शन
घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता मंदिर परिसर में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया।
- शुद्धिकरण की मांग: कार्यकर्ताओं का कहना है कि मंदिर की शुचिता भंग की गई है, जिसके लिए मंदिर परिसर का शुद्धिकरण किया जाना चाहिए।
- प्रशासन को ज्ञापन: संगठनों ने पुलिस और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवकों की पहचान की जाए और उन पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने की धाराओं में मुकदमा दर्ज हो।
मंदिर प्रबंधन और पुलिस की कार्रवाई
विवाद बढ़ता देख नयना देवी मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी सक्रियता दिखाई है।
- सीसीटीवी की जांच: पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि युवकों की पहचान और उनके प्रवेश के समय की पुष्टि हो सके।
- सुरक्षा में चूक: मंदिर ट्रस्ट ने माना कि मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और सेवादारों की नजर से बचकर यह चूक हुई है। ट्रस्ट ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रवेश द्वारों पर और अधिक कड़ाई बरतने का आश्वासन दिया है।
उत्तराखंड में पहले से ही ‘चारधाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश’ को लेकर बहस छिड़ी हुई है। ऐसे में नैनीताल की इस घटना ने इस मांग को और हवा दे दी है।
- स्थानीय लोगों का तर्क: स्थानीय निवासियों का कहना है कि जो लोग हिंदू धर्म की मान्यताओं और मंदिर की मर्यादा (जैसे जूते उतारना) का पालन नहीं कर सकते, उन्हें मंदिर के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
नैनीताल पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भ्रामक पोस्ट साझा न करने का भी अनुरोध किया है ताकि शहर का सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे।
“देवभूमि के मंदिरों की मर्यादा हमारे लिए सर्वोपरि है। नयना देवी मंदिर में जो हुआ वह बर्दाश्त के बाहर है। हमने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पहचान होने पर सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित की जाए।” — प्रतिनिधि, स्थानीय हिंदू संगठन





