Saturday, February 7, 2026

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नैनीताल की नई पहचान: अब फूलों के रंगों से होगी झीलों की ब्रांडिंग; ‘सिटी ऑफ लेक्स’ को वर्ल्ड क्लास लुक देने की तैयारी

नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल और आसपास की प्रसिद्ध झीलों के सौंदर्यीकरण को लेकर जिला प्रशासन ने एक बेहद अनूठा और अभिनव प्रयोग शुरू किया है। अब नैनीताल की झीलों की पहचान केवल उनके पानी और प्राकृतिक सुंदरता से ही नहीं, बल्कि उनके चारों ओर लहलहाने वाले विशिष्ट रंगों के फूलों से भी होगी। प्रशासन की योजना के अनुसार, नैनीताल, भीमताल, नौकुचियाताल और सातताल जैसी झीलों के किनारे एक ‘कलर कोडेड’ थीम पर विशेष प्रजाति के फूलों के बगीचे विकसित किए जाएंगे। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी नैनीताल की एक नई और रंगीन वैश्विक ब्रांडिंग करेगी।

कलर कोडेड झीले: किस झील का होगा कौन सा रंग?

इस योजना के तहत प्रत्येक झील के लिए एक विशेष रंग के फूलों का चयन किया गया है, ताकि पर्यटक दूर से ही उस झील की विशिष्टता को पहचान सकें:

  • नैनीताल (नीला और पीला): नैनी झील के चारों ओर नीले और पीले रंग के फूलों जैसे जापानी चेरी ब्लॉसम और गेंदे की विशेष किस्मों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • भीमताल (लाल और गुलाबी): भीमताल को ‘गुलाबी नगरी’ की तर्ज पर गुलाबी और लाल गुलाबों व अन्य स्थानीय पहाड़ी फूलों से सजाया जाएगा।
  • नौकुचियाताल (सफेद और बैंगनी): नौकुचियाताल की शांति को दर्शाने के लिए यहां सफेद और बैंगनी रंग के फूलों की क्यारियां तैयार की जाएंगी।

पर्यटन और इको-सिस्टम पर पड़ेगा बड़ा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि फूलों के जरिए ब्रांडिंग करने से नैनीताल के पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा:

  1. फोटोग्राफी और सेल्फी पॉइंट्स: झीलों के किनारे फूलों के ये गलियारे पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेंगे, जिससे सोशल मीडिया पर नैनीताल की एक नई तस्वीर उभरेगी।
  2. स्थानीय रोजगार: फूलों की खेती (फ्लोरीकल्चर) और इन बगीचों के रखरखाव से स्थानीय लोगों और स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
  3. पर्यावरण संतुलन: फूलों की अधिकता से क्षेत्र में मधुमक्खियों और तितलियों की आबादी बढ़ेगी, जो हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद जरूरी है।

प्रशासन की कार्ययोजना

जिलाधिकारी के निर्देशन में उद्यान विभाग और नगर पालिका ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है:

  • विदेशी और पहाड़ी फूलों का मिश्रण: ऐसे फूलों का चयन किया जा रहा है जो नैनीताल की ठंडी जलवायु में साल भर खिल सकें। इनमें ट्यूलिप, हाइड्रेंजिया और बुरांश की विभिन्न प्रजातियां शामिल हैं।
  • सिटिंग एरिया और वॉकिंग ट्रैक: झीलों के किनारे बने पैदल रास्तों को इन फूलों की क्यारियों के साथ एकीकृत किया जाएगा, ताकि टहलने वाले लोगों को एक खुशनुमा अहसास मिले।

निष्कर्ष: स्विट्जरलैंड की तर्ज पर विकास

नैनीताल की इस नई पहल को यूरोपीय देशों की तर्ज पर देखा जा रहा है, जहां झीलों और शहरों को फूलों से ब्रांडिंग दी जाती है। प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले पर्यटन सीजन तक झीलों का यह ‘कलरफुल अवतार’ पूरी तरह तैयार हो जाए, जिससे सैलानियों को एक बिल्कुल नया अनुभव मिल सके।

“हम चाहते हैं कि जब कोई पर्यटक नैनीताल आए, तो वह केवल झील को न देखे, बल्कि उन रंगों को भी महसूस करे जो हम फूलों के जरिए वहां उकेर रहे हैं। यह ‘सिटी ऑफ लेक्स’ को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” — जिला प्रशासन, नैनीताल

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