देहरादून/पिथौरागढ़। भारत और नेपाल के बीच 250 किलोमीटर लंबी खुली सीमा, जो अब तक रोटी-बेटी और कारोबारी रिश्तों की मिसाल रही है, मौजूदा हालात में तनाव का केंद्र बन गई है। नेपाल में जारी भारी हिंसा और अराजकता के बीच उत्तराखंड से लगी सीमाओं पर पिछले दो दिन से ‘नो एंट्री’ व्यवस्था लागू है।
आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक
सीमा पर सख्ती इतनी बढ़ा दी गई है कि न तो नेपाल से कोई नागरिक भारत आ पा रहा है और न ही भारत से कोई व्यक्ति नेपाल जा पा रहा है। केवल अत्यंत आवश्यक कार्यों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को ही कड़ी पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।
बनबसा बॉर्डर पर दो दिन से कोई भी भारतीय नेपाल नहीं गया, वहीं खटीमा की खुली सीमा से बुधवार सुबह भारत में प्रवेश करने आए नेपाली नागरिकों को एसएसबी और पुलिस ने लौटा दिया।
कारोबार पर गहरा असर
सीमा सील होने से कारोबार पर गहरी मार पड़ी है।
- खटीमा के मेलाघाट बाजार में नेपाली ग्राहकों की कमी से सन्नाटा पसरा रहा, ज्यादातर दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
- टनकपुर से सटी ब्रह्मदेव मंडी में आवश्यक सामग्री की कुछ दुकानों को छोड़कर बाकी दुकानें बंद रहीं।
- बनबसा का 80% कारोबार नेपाल पर निर्भर है। यहां के व्यापारी रोजाना 5 से 7 लाख रुपये के नुकसान की बात कह रहे हैं। किराना व्यापारी नीरज जुकरिया का कहना है कि मंगलवार तक ग्राहक आए थे, लेकिन बुधवार को कोई नहीं आया।
- पिथौरागढ़ के झूलाघाट बाजार का 90% कारोबार नेपाली ग्राहकों पर आधारित है। यहां भी सन्नाटा पसरा रहा।
व्यापार मंडल अध्यक्षों ने आशंका जताई है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इस बार दशहरा और दीपावली पर कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहेगा।
नेपाल से 143 कैदी जेल से फरार
नेपाल में अराजकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीमा से सटे बैतड़ी और दार्चूला जिला कारागारों से कुल 143 कैदी फरार हो गए हैं।
- बैतड़ी जेल से 62 में से सभी कैदी भाग निकले।
- दार्चूला जेल से 81 कैदी फरार हुए, वहां अब सिर्फ सात कैदी बचे हैं।
- कंचनपुर जेल से भी सात कैदी भागे थे, जिन्हें बाद में एपीएफ ने पकड़ लिया।
इन कैदियों के भारत की सीमा में घुसने की आशंका के चलते सतर्कता और बढ़ा दी गई है। चंपावत पुलिस ने चार फरार कैदियों के फोटो सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में शेयर कर ग्रामीणों से संदिग्धों की सूचना देने की अपील की है।
सुरक्षा कड़ी, संयुक्त गश्त
सीमा पर एसएसबी, पुलिस और पीएसी की तैनाती बढ़ा दी गई है। झनकईया थाना क्षेत्र में एसएसबी की तीन पोस्टों पर एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है। साथ ही, वन विभाग से भी गश्ती कर्मी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
पिथौरागढ़ के धारचूला में भारत-नेपाल को जोड़ने वाला झूलापुल बुधवार को सुरक्षा कारणों से निर्धारित समय से 50 मिनट देर से खोला गया। काली नदी किनारे पुलिस, कस्टम और एसएसबी जवानों के साथ डॉग स्क्वॉड भी गश्त कर रहा है।
आईजी कुमाऊं रिधिम अग्रवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के मुताबिक पुलिस और एसएसबी संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं। एलआईयू को अलर्ट पर रखा गया है और सीमांत क्षेत्रों में संयुक्त कांबिंग चल रही है।
एसएसपी ऊधमसिंह नगर मणिकांत मिश्रा ने स्पष्ट किया कि अवैध तरीके से नेपाल से आने वालों को तुरंत वापस भेजा जाएगा।





