वाशिंगटन: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने साल 2026 के अपने पहले प्रस्तावित ‘स्पेसवॉक’ को अचानक रद्द करने का निर्णय लिया है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के बाहर होने वाले इस महत्वपूर्ण मिशन को उस समय रोका गया जब अंतरिक्ष यात्री अपनी तैयारी लगभग पूरी कर चुके थे। इस फैसले ने अंतरिक्ष प्रेमियों को थोड़ा निराश जरूर किया है, लेकिन नासा ने स्पष्ट किया है कि अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
क्यों लिया गया स्पेसवॉक रद्द करने का फैसला?
नासा के अनुसार, इस मिशन को रद्द करने के पीछे का मुख्य कारण ‘स्पेस सूट में तकनीकी खराबी’ को बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, अंतरिक्ष यात्री के सूट के ‘कुलिंग सिस्टम’ (Cooling System) में कुछ असामान्यताएं पाई गईं। स्पेसवॉक के दौरान अंतरिक्ष यात्री को अत्यधिक तापमान से बचाने के लिए सूट का सही ढंग से काम करना अनिवार्य है। यदि कूलिंग सिस्टम में लीकेज या कोई खराबी आती है, तो यह अंतरिक्ष यात्री के जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
यह साल का पहला स्पेसवॉक था, जिसके तहत अंतरिक्ष यात्रियों को ISS के बाहरी हिस्से में लगे पुराने सोलर एरे (Solar Arrays) को बदलने और नए संचार उपकरणों की मरम्मत करने का काम सौंपा गया था। इस प्रक्रिया में अंतरिक्ष यात्रियों को यान से बाहर निकलकर शून्य गुरुत्वाकर्षण में कई घंटे बिताने थे।
अंतिम क्षणों में रोकी गई प्रक्रिया
जब यह फैसला लिया गया, तब अंतरिक्ष यात्री अपने सूट पहनकर एयरलॉक (Airlock) प्रक्रिया के करीब थे। नासा के मिशन कंट्रोल सेंटर ने डेटा की समीक्षा करने के बाद पाया कि एक सूट के लाइफ सपोर्ट सिस्टम में दबाव का स्तर स्थिर नहीं है। किसी भी जोखिम से बचने के लिए तुरंत ‘अबॉर्ट’ (Abort) का आदेश जारी किया गया और यात्रियों को सुरक्षित स्टेशन के भीतर रहने को कहा गया।
आगे की योजना क्या है?
नासा के इंजीनियरों की टीम अब खराब हुए स्पेस सूट की गहन जांच कर रही है। एजेंसी ने फिलहाल इस स्पेसवॉक के लिए कोई नई तारीख घोषित नहीं की है। नासा के प्रवक्ता ने बताया कि, “हमारा प्राथमिक उद्देश्य हमेशा क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। जब तक हम तकनीकी खराबी के मूल कारण को समझकर उसे ठीक नहीं कर लेते, तब तक अगला स्पेसवॉक निर्धारित नहीं किया जाएगा।”





