वॉशिंगटन: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस-2 (Artemis-II) मिशन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नासा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण WB-57 हाई-एल्टीट्यूड रिसर्च जेट एक परीक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। यह विमान न केवल नासा के हवाई अनुसंधान का हिस्सा था, बल्कि चंद्रमा पर इंसानों को फिर से भेजने वाले आर्टेमिस मिशन के लिए महत्वपूर्ण डेटा जुटाने और संचार प्रणालियों के परीक्षण में भी लगा हुआ था। इस क्रैश के बाद अब वैज्ञानिक समुदाय और विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या नासा को अपने आगामी चंद्र मिशन की तारीख आगे बढ़ानी होगी।
WB-57 जेट क्यों था आर्टेमिस मिशन के लिए खास?
नासा के बेड़े में WB-57 जैसे केवल तीन विमान सक्रिय थे, जो लगभग 60,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ने में सक्षम हैं।
- मिशन सपोर्ट: यह जेट आर्टेमिस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यान के लॉन्च और री-एंट्री के समय उच्च गुणवत्ता वाले इमेजरी और डेटा कैप्चर करने के लिए डिजाइन किया गया था।
- सेंसर और संचार: विमान में लगे उन्नत सेंसर चंद्रमा की ओर जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के कैप्सूल के साथ संचार लिंक स्थापित करने का अभ्यास कर रहे थे।
क्रैश से कितना हुआ नुकसान?
इस दुर्घटना को नासा के लिए एक बड़ी आर्थिक और तकनीकी क्षति माना जा रहा है:
- तकनीकी डेटा का नुकसान: क्रैश हुए जेट में कई ऐसे प्रोटोटाइप सेंसर और उपकरण लगे थे जो भविष्य के अभियानों के लिए महत्वपूर्ण थे। उनके नष्ट होने से महीनों का शोध बेकार चला गया है।
- संसाधनों की कमी: नासा के पास इस श्रेणी के बहुत कम विमान बचे हैं। एक विमान के कम होने से वर्तमान में चल रहे अन्य परीक्षणों का शेड्यूल पूरी तरह से बिगड़ गया है।
- करोड़ों की लागत: एक WB-57 जेट की मरम्मत और उसमें लगे उपकरणों की कीमत करोड़ों डॉलर में होती है, जिसकी भरपाई में लंबा समय लग सकता है।
क्या आर्टेमिस-2 की लॉन्चिंग पर लगेगा ब्रेक?
आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की कक्षा (Orbit) के चारों ओर चक्कर लगाकर वापस धरती पर आना है।
- समय सीमा की चुनौती: नासा ने पहले ही इस मिशन को सितंबर 2025 या 2026 की शुरुआत के लिए तय किया है। जेट क्रैश होने के कारण यदि प्री-लॉन्च डेटा संग्रह पूरा नहीं होता है, तो सुरक्षा कारणों से मिशन में 6 महीने से 1 साल की देरी हो सकती है।
- बैकअप प्लान: नासा के इंजीनियर अब अन्य विमानों या ड्रोन के जरिए उस कमी को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो WB-57 के क्रैश होने से पैदा हुई है।
नासा का आधिकारिक बयान
नासा ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।
“यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, लेकिन हमारी प्राथमिकता सुरक्षा और वैज्ञानिक सटीकता है। हम नुकसान का आकलन कर रहे हैं और आर्टेमिस-2 के टाइमलाइन पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा कर रहे हैं। हम इस बाधा के बावजूद चंद्रमा की ओर अपने कदमों को धीमा नहीं होने देंगे।” — नासा प्रवक्ता
आगे की राह: क्या होगा अगला कदम?
विशेषज्ञों का कहना है कि नासा अब अपने शेष विमानों पर काम का बोझ बढ़ा सकता है या निजी अंतरिक्ष कंपनियों से सहायता ले सकता है। हालांकि, WB-57 की विशिष्ट क्षमताओं की कमी को पूरा करना एक बड़ी चुनौती होगी।





