नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर जिले में स्थित एक विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए और प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद, प्रशासन ने अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने फैक्ट्री के 2 मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और 8 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (Lookout Notice) जारी कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि आरोपी अधिकारी जांच पूरी होने तक देश छोड़कर बाहर नहीं भाग पाएंगे। पुलिस को अंदेशा है कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए ये अधिकारी विदेश पलायन की कोशिश कर सकते थे।
घटना का विवरण: मलबे में तब्दील हुई यूनिट
हादसे के बाद के हालात और भी भयावह होते जा रहे हैं:
- विस्फोट की तीव्रता: धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री की पूरी इमारत ढह गई और आसपास के कई किलोमीटर के दायरे में कंपन महसूस किया गया।
- मजदूरों की मौत: मलबे से अब तक 19 शव निकाले जा चुके हैं। कई अन्य मजदूर अब भी गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहे है। मृतकों में महिलाओं की संख्या भी अधिक बताई जा रही है।
- शिनाख्त की चुनौती: धमाका इतना जबरदस्त था कि कई शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया है, जिसके लिए प्रशासन अब डीएनए (DNA) टेस्ट का सहारा ले रहा है
क्यों जारी हुआ लुकआउट नोटिस? पुलिस की बड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों की घेराबंदी शुरू कर दी है:
- फरार होने की आशंका: एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फैक्ट्री के मुख्य पदाधिकारी अंडरग्राउंड हो गए हैं। पुलिस ने एयरपोर्ट अथॉरिटी और इमिग्रेशन विभाग को सूचित कर दिया है कि इन 10 लोगों को किसी भी सूरत में देश से बाहर न जाने दिया जाए।
- लापरवाही के सबूत: प्राथमिक जांच में पाया गया है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की धज्जियां उड़ाई गई थीं। विस्फोटक सामग्री का रखरखाव तय सीमा से अधिक किया जा रहा था।
- गैर-इरादतन हत्या का मामला: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें गैर-इरादतन हत्या की धाराएं भी शामिल हैं।
परिजनों का गुस्सा: मुआवजे और न्याय की मांग
हादसे के बाद से ही पीड़ित परिवारों का गुस्सा सातवें आसमान पर है:
- मुआवजे का एलान: राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें केवल पैसा नहीं बल्कि दोषियों को फांसी की सजा चाहिए।
- सुरक्षा पर सवाल: ग्रामीणों का आरोप है कि इस फैक्ट्री में पहले भी छोटी-मोटी घटनाएं हुई थीं, लेकिन प्रशासन ने कभी बड़ी कार्रवाई नहीं की।





