नई दिल्ली/चेन्नई: नई दिल्ली से चेन्नई जा रही नई दिल्ली-चेन्नई एक्सप्रेस (जी.टी. एक्सप्रेस) उस समय एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई, जब ट्रेन के एक कोच में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें देख यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी के बीच ट्रेन को आपातकालीन स्थिति में रोकना पड़ा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री के हताहत होने की खबर नहीं है। रेलवे प्रशासन की तत्परता और समय रहते यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई।
हादसे का विवरण: धुआं उठते ही खींची गई चेन
प्रत्यक्षदर्शियों और रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब ट्रेन अपनी सामान्य गति से गंतव्य की ओर बढ़ रही थी:
- अचानक दिखा धुआं: ट्रेन के एक डिब्बे के नीचे से अचानक काला धुआं उठते देखा गया, जो कुछ ही पलों में आग की लपटों में बदल गया।
- यात्रियों की सतर्कता: कोच में मौजूद यात्रियों ने जैसे ही आग देखी, तुरंत अलार्म चेन खींचकर ट्रेन को रोका। ट्रेन रुकते ही यात्री अपने सामान के साथ बाहर की ओर भागे।
- कोच को किया गया अलग: आग को अन्य डिब्बों में फैलने से रोकने के लिए तकनीकी टीम ने प्रभावित कोच को ट्रेन के बाकी हिस्से से तुरंत अलग कर दिया।
राहत और बचाव कार्य: दमकल विभाग ने पाया काबू
सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं:
- आग पर नियंत्रण: दमकलकर्मियों ने लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या ब्रेक बाइंडिंग (पहियों में घर्षण) माना जा रहा है।
- वैकल्पिक व्यवस्था: प्रभावित यात्रियों को दूसरे कोचों में शिफ्ट किया गया। रेलवे ने यात्रियों के लिए जलपान और चिकित्सा सहायता की भी व्यवस्था की।
- परिचालन में देरी: इस घटना के कारण रूट पर कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा, जिससे पीछे आ रही अन्य ट्रेनों को रोकना पड़ा।
रेलवे ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश
रेलवे बोर्ड ने इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए जांच के कड़े निर्देश दिए हैं:
- तकनीकी ऑडिट: ट्रेन के रखरखाव (Maintenance) और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है कि प्रस्थान से पहले कोच की सही ढंग से जांच हुई थी या नहीं।
- फोरेंसिक जांच: आग के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम घटनास्थल से नमूने एकत्र करेगी।





