देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय के विश्वकर्मा भवन में प्रदेश मंत्रिमंडल की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में राज्य के विकास, आगामी विधानसभा सत्र और जनहित से जुड़ी कई अहम नीतियों पर चर्चा होगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि धामी सरकार आज कई बड़े फैसलों के जरिए प्रदेश की जनता को बड़ी सौगात दे सकती है। विशेष रूप से पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) से संबंधित प्रस्तावों को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। बैठक की गंभीरता को देखते हुए सभी मंत्रियों और संबंधित विभागों के सचिवों को पूरी तैयारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
एजेंडे के मुख्य बिंदु: इन फैसलों पर टिकी हैं नजरें
सूत्रों के अनुसार, आज की कैबिनेट बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए जा सकते हैं:
- बजट सत्र की तिथि: आगामी विधानसभा के बजट सत्र के आयोजन की तारीख और स्थान (देहरादून या गैरसैंण) पर अंतिम मुहर लग सकती है।
- नई पर्यटन नीति: राज्य की आर्थिकी की रीढ़ माने जाने वाले पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ‘होमस्टे’ योजना और नए पर्यटन स्थलों के विकास के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का प्रस्ताव आ सकता है।
- सरकारी भर्तियों में तेजी: विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को सरल बनाने और नई नियमावलियों को मंजूरी दी जा सकती है।
- महिला सशक्तिकरण: लखपति दीदी योजना और स्वयं सहायता समूहों के लिए अतिरिक्त बजट और सुविधाओं का प्रावधान संभावित है।
विकास और निवेश: ‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड’ पर जोर
मुख्यमंत्री धामी का मुख्य फोकस राज्य में निवेश बढ़ाने पर है:
- औद्योगिक विकास: सिडकुल (SIDCUL) क्षेत्रों में नए उद्योगों की स्थापना के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया को आसान बनाने पर चर्चा होगी।
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट: देहरादून और हल्द्वानी जैसे शहरों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा और अतिरिक्त बजट की मांग को मंजूरी मिल सकती है।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए ‘अतिथि शिक्षकों’ के मानदेय में वृद्धि और पहाड़ों में डॉक्टरों की तैनाती के लिए नए भत्तों पर विचार किया जा सकता है।
कैबिनेट बैठक का महत्व: चुनावी तैयारियों की झलक?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक केवल प्रशासनिक नहीं है:
- जनता से जुड़ाव: सरकार उन फैसलों को प्राथमिकता दे रही है जिनका सीधा लाभ आम आदमी, किसानों और युवाओं को मिले।
- योजनाओं का क्रियान्वयन: केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा।
- पहाड़ का विकास: मुख्यमंत्री का जोर हमेशा से ‘रिवर्स माइग्रेशन’ (पलायन रोकथाम) पर रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए पहाड़ी जिलों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा संभव है।





